प्रदेश में नई कास्ट डाटा बुक में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत तय करने के बाद बिजली कंपनियों को अब करीब 102 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को लौटाना होगा। विद्युत नियामक आयोग ने रकम वापसी के लिए अलग से आदेश जारी करने की बात कही है, लेकिन राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द रकम वापस दिलाने के लिए याचिका लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश में नौ सितंबर 2025 को जारी आदेश में नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत वसूली जा रही है। नई कास्ट डाटा बुक में सिंगल फेस प्रीपेड स्मार्ट मीटर की कीमत 6016 की जगह 2800 और थ्री फेस की स्मार्ट मीटर की कीमत 11342 की जगह 4100 तय कर दिया है। 10 सितंबर 2025 से एक जनवरी 2026 तक प्रदेश भर में 3,18,740 विद्युत उपभोक्ताओं ने एस्टीमेट जमा किया, जिनमें लगभग 90% उपभोक्ता सिंगल फेस के थे।
यदि मीटर की कीमत 6016 के आधार पर आकलन किया जाए तो कुल वसूली लगभग 191 करोड़ की होगी। नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 2800 की दर से यह राशि लगभग 89 करोड़ होती है। ऐसे में बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं के बिल में 102 करोड़ से अधिक की राशि वापस करनी होगी। यह रकम जल्द से जल्द उपभोक्ताओं को लौटाई जाए, इसके लिए उपभोक्ता परिषद की ओर से याचिका लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
