प्रदेश में एप आधारित टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश मोटर यान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली, 2026 का प्रस्ताव जारी किया है। प्रस्ताव के मुताबिक अगर कोई चालक राइड बुक करने के बाद बिना किसी वैध कारण के राइड कैंसिल करता है तो उससे दस फीसदी की कटौती कुल किराये में से की जाएगी।
दूसरी तरफ राइड बुक करने वाले यात्री को अगली बुकिंग में कुछ रियायत दी जाएगी। वहीं अगर राइड बुक करने के बाद यात्री उसको रद करता है है तो उससे किराये का दस प्रतिशत या अधिकतर सौ रुपये तक वसूली अगली बुकिंग में की जाएगी। इसी तरह के तमाम प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। विभाग ने इस पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
लाइसेंस अनिवार्य, पांच लाख शुल्क
प्रस्तावित नियमावली के मुताबिक, राज्य में संचालित सभी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म, डिलीवरी सेवा प्रदाता और ई-कॉमर्स से जुड़ी परिवहन सेवाओं को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए कंपनियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ 25 हजार रुपये आवेदन शुल्क और पांच लाख रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। इसके अलावा वाहनों की संख्या के आधार पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक की सुरक्षा जमा राशि भी जमा करनी पड़ेगी। लाइसेंस की वैधता पांच वर्ष प्रस्तावित है।