केजीएमयू में धर्मांतरण के मामले में बवाल के बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए स्टार प्रचारक बनाया गया है। वह 14 जनवरी तक मुंबई दौरे पर गई हैं। केजीएमयू में हुए बवाल पर उनका रुख पहले जैसा ही बना हुआ है। उन्होंने बताया केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में वर्ष 2024 में अवैध ब्लड स्टोरेज यूनिट की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
पिछले शुक्रवार को अपर्णा यादव प्रेसवार्ता करने के केजीएमयू में कुलपति कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने केजीएमयू पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। इसके बाद शनिवार को उन्हें भाजपा के चुनाव प्रचार के लिए मुंबई भेज दिया गया है। केजीएमयू को लेकर वह लगातार बयान दे रही हैं। उनका कहना है कि केजीएमयू को आंदोलन करना है तो कर सकता है, लेकिन वह माफी नहीं मांगेंगी। जिसने गलती की है वह माफी मांगे।
बयान में यह भी बताया है कि प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग क्वीन मेरी में जुलाई 2023 से 2025 तक बिना लाइसेंस के अवैध ब्लड स्टोरेज यूनिट संचालन के मामले में उन्होंने 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। इसके बाद एसआईटी गठित की गई जिसने जांच शुरू कर दी है। साक्ष्य के रूप में अमर उजाला की खबर व अस्पताल के कई दस्तावेज शामिल किए गए हैं। वह मुंबई से वापस आकर अन्य मामलों को भी प्रकाश में लाएंगी।
