प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ पांचवीं बार राज्यस्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कौन एईआरओ (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) किस जगह पर बैठकर सुनवाई करेगा। इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दी जाए। अगर किसी कारण से कोई मतदाता सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पा रहा है, तो वह अपने प्रतिनिधि के रूप में किसी को नामित कर सुनवाई के लिए भेज सकता है।

रिणवा ने प्रतिनिधियों को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दावे व आपत्तियों का निस्तारण और नोटिस जारी किए जाने व इस पर हो रही सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी दी। बताया कि जिन मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र भरा है और उनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सका है उनसे नोटिस के जरिये साक्ष्य मांगे गए हैं। ऐसे मतदाताओं की संख्या 1.04 करोड़ हैं। करीब 2.22 करोड़ ऐसे मतदाता चिह्नित हैं, जिनकी मैपिंग में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इन मतदाताओं को भी नोटिस जारी कर अभिलेखीय साक्ष्य मांगे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के दूसरे चरण में 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। इस अवधि में एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी प्रतिदिन 10 फॉर्म तक जमा कर सकते हैं। 6 जनवरी से 27 फरवरी तक नोटिस चरण में सुनवाई व सत्यापन के साथ दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 6 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। उन्होंने बताया कि सभी बूथों पर 31 जनवरी को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदा को एक बार फिर पढ़ा जाएगा।

अधिक से अधिक नए मतदाता बनाने का आह्वान

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नोटिस की जानकारी प्राप्त करने और डॉक्यूमेंट अपलोड करने की ऑनलाइन व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। उन्होंने सभी दलों से एसआईआर के काम में पूर्ण सहयोग करने और अपने बीएलए के माध्यम से अधिक से अधिक फॉर्म-6 भरवाए जाने का भी आह्वान किया। बैठक में भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी, अपना दल (एस) और सीपीआई(एम) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बूथ पर जाकर एईआरओ करें नोटिसों की सुनवाई

एसआईआर में नोटिसों की सुनवाई के लिए मतदाताओं को 8 से 10 किलोमीटर दूर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई। कई वोटरों को बिना किसी त्रुटि के नोटिस जारी होने की जानकारी दी। इस पर एईआरओ को बूथ पर जाकर नोटिसों की सुनवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सामने आया कि सभी दलों के 5.75 लाख बीएलए हैं और उन्होंने करीब 20 हजार से अधिक फॉर्म ही अब तक भरवाए हैं। वहीं भाकपा (मार्क्सवादी) के 315 बीएलए हैं और इन्होंने एक भी फॉर्म नहीं भरवाया है।



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