समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नए वर्ष के पहले दिन पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, विधायकों, पत्रकारों तथा विभिन्न समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि नया वर्ष संकल्प का समय है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, डॉ. लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव के बताए रास्ते पर चलते हुए समाज को खुशहाली की ओर ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को हटाना है क्योंकि भाजपा शासन में अन्याय, मंहगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा कमजोर हो चुकी है और कमजोर होने पर वह साम्प्रदायिकता फैलाती है। भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था का हाल बिगड़ गया, साइबर क्राइम बढ़ा और डायल 100 व 1090 सेवाएं बर्बाद कर दी गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है, सरकारी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और यहां तक कि अरावली पहाड़ तक को नहीं छोड़ा जा रहा।
किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि खाद की किल्लत, कालाबाजारी और फसलों के उचित मूल्य न मिलना भाजपा की नीतियों की नाकामी है। पीडीए के आरक्षण से छेड़छाड़ पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ही जनता के हितों की सच्ची लड़ाई लड़ रही है और वादा निभाने वाली पार्टी है। सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये दिए जाएंगे, किसानों को लाभकारी मूल्य मिलेगा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरेगी तथा बिजली संकट खत्म किया जाएगा।
नव वर्ष के अवसर पर रायबरेली के शिवा विश्वकर्मा ने अखिलेश यादव को संगीत बजाने वाला छोटा ट्रैक्टर भेंट किया और लक्ष्मण निषाद ने सिंघाड़ा भेंट किया। इस मौके पर बाटी-चोखा सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं और नेताओं ने साथ मिलकर भोजन किया। अखिलेश ने कहा कि लिट्टी-चोखा हो या बाटी-चोखा, समाजवादियों के लिए यह समानता की पहचान है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पदाधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं ने भी अखिलेश यादव से मिलकर नववर्ष की बधाई दी।
