मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये और अनुदेशकों को 9 नौ हजार रुपये का मानदेय दिया जाता था। बैठक के बाद प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी और कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2017 में भाजपा की सरकार आने पर शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया था और अब 18 हजार रुपये किया जा रहा है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कर दी थी जिसके बाद कैबिनेट की बैठक में आज प्रस्ताव पर चर्चा हुई और प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 27 हजार से ज्यादा अंशकालिक अनुदेशकों कार्य करते हैं। बैठक में अनुदेशकों के मानदेय को भी नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने पर सहमति दे दी गई है।
बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर मंत्रिपरिषद ने सहमति की मुहर लगाई। एक अन्य प्रस्ताव में छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट के खरीदने को भी मंजूरी दे दी गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अभी तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं और अब 25 लाख और टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
