विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव, राजेन्द्र चौधरी, डॉ. मान सिंह यादव, मुकुल यादव, आशुतोष सिन्हा, बलराम यादव और अन्य सदस्यों ने प्रदेश में निरन्तर बिगड़ती कानून व्यवस्था के संबंध में सूचना दी। सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा बुलडोजर का इस्तेमाल जाति और मजहब के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यूपी में संज्ञेय अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां प्रति वर्ष 3.5 लाख से 4 लाख संज्ञेय अपराध दर्ज किए जाते हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सरकार के उत्तर से संतुष्ट न होने के कारण सपा के सभी सदस्यों ने सदन का त्याग किया। सभापति कुँवर मानवेन्द्र सिंह जी ने सूचना पर कार्यस्थगन अस्वीकार के निर्देश दिये।

बृहस्पतिवार को विधान परिषद में सपा सदस्यों ने कहा कि हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, लूट, डकैती, महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराध के मामलों में यूपी शीर्ष पर है। दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के मामलों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी और पिछड़ों पर अपराध के मामले में भी यूपी अग्रणी है।

मुजफ्फरनगर के सोनू कश्यप कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि टेम्पो चालकों ने साथियों के साथ पहले मारा-पीटा फिर जिंदा जला दिया। मामले में पुलिस ने एक अज्ञात को आरोपी बनाया। विरोध होने पर एक नाबालिग को जेल भेज दिया गया जबकि घटनाक्रम में शामिल अन्य आरोपियों के नाम तक एफआईआर में दर्ज नहीं किए।

सपा का आरोप असली अपराधी छूट जा रहे हैं

सपा सदस्य किरण पाल कश्यप ने दुष्कर्म के एक मामले का उदाहरण देते हुए कहाकि असली अपराधियों को छोड़ दिया गया। सदस्यों ने तंज कसा कि बाबाजी का बुलडोजर कहां गया। तेल खत्म हो गया या ड्राइवर भाग गया। उन्होंने कहा कि पीडीए सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि पिछले वर्ष 55 हजार से ज्यादा अपराध के मामले महिलाओं के खिलाफ दर्ज किए गए। इस वर्ष 15 दिन के अंदर 1900 से ज्यादा मामले महिलाओं के खिलाफ अपराध के दर्ज किए गए। सिद्धार्थनगर के दरोगा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिसके भाई एडीएम और भाभी पीसीएस अधिकारी हों, तो भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सीतापुर में 17 साल की युवती के अपहरण का हवाला देते हुए कहा कि मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के बाद भी सरकार कहेगी कि सब भयमुक्त है और सारी अपराधी विदेश चले गए हैं।

इसके जवाब में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पहले जहां शाम पांच बजने के बाद लोग जहां होते थे, वहीं सो जाते थे। सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना में वर्तमान अपराध के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आज अपराध की संख्या घटी है। भाजपा सरकार में एक दंगा नहीं हुआ। इस पर किरण पाल कश्यप ने कहा कि दंगा कराने वाले ही सत्ता में बैठे हैं तो दंगे कहां से होंगे। इस पर सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई। सपा सदस्यों ने गलत जवाब देने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और सदन का बहिर्गमन कर दिया।



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