गणतंत्र दिवस के अवसर पर गृह मंत्रालय ने प्रदेश पुलिस के 18 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति का वीरता पदक (गैलेंट्री अवार्ड) देने की घोषणा की है। इन पुलिसकर्मियों ने 5 कुख्यात बदमाशों को ढेर किया था। इनमें से 12 पुलिसकर्मी एसटीएफ के हैं। एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही को 5वीं बार गैलेंट्री अवार्ड दिया गया है। इसके अलावा 6 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा और 68 को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का पदक देने की घोषणा की गई है।
बीते वर्ष 7 अगस्त को कुख्यात अपराधी पंकज यादव को मथुरा में ढेर करने वाले एसटीएफ के एडिशनल एसपी राकेश, डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही, निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह और उप निरीक्षक यशवंत सिंह को वीरता पदक दिया गया है। इसी तरह 21 मार्च 2022 को वाराणसी में 2 लाख के इनामी अपराधी मनोज सिंह उर्फ सोनू सिंह को मुठभेड़ में ढेर करने वाली एसटीएफ की टीम में शामिल एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह, निरीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य आरक्षी बैज नाथ राम और मनोज कुमार सिंह को वीरता पदक मिला है।
वहीं 23 सितंबर 2024 को उन्नाव के अचलगंज में कुख्यात अपराधी अनुज कुमार सिंह को ढेर करने वाली एसटीएफ की टीम में शामिल निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा, मुख्य आरक्षी कवींद्र साहनी को भी वीरता पदक मिला है। इसके अलावा 27 जून 2023 को कौशांबी मे 1.25 लाख रुपये के इनामी अपराधी गुरफान को ढेर करने वाले एसटीएफ के उप निरीक्षक अतुल चतुर्वेदी, प्रदीप कुमार सिंह और मुख्य आरक्षी सुशील कुमार सिंह को वीरता पदक दिया गया है। सहारनपुर में 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी आबाद को पुलिस मुठभेड़ में ढेर करने वाले जिले के तत्कालीन डिप्टी एसपी रजनीश कुमार उपाध्याय, उप निरीक्षक जरार हुसैन (अब सेवानिवृत्त), सुनील सिंह और मुख्य आरक्षी कुणाल मलिक को वीरता पदक मिला है।
