उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने नौ साल के कार्यकाल को गिना रहे हैं। लेकिन उनका यह कार्यकाल निर्माण का नहीं बल्कि विध्वंस का रहा है। वह बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने विभिन्न घटनाओं को गिनाते हुए कहा कि कहा कि 15 मार्च 2026 को 1519 करोड़ की लागत से बने लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का उद्घाटन होता है और अगले ही दिन वह सड़क धंस जाती है, जो इस सरकार के महाभ्रष्ट होने का प्रमाण है। इसी तरह सूदखोरों का एक ऐसा मकडजाल इस प्रदेश में फैला है जो इनकी जीरों टॉलरेंस की नीति को ठेंगा दिखाता है जिसके चंगुल में फंसकर हजारों परिवार बर्बाद हो रहे हैं।
हालिया उदाहरण जनपद फतेहपुर का है जहां एक परिवार ने 5 लाख रुपये सूद पर लिए थे और उसके बदले 27 लाख 50 हजार देने के बाद भी तकादा जारी था अंततः परिवार ने थक कर आत्महत्या कर ली। यह सरकार अपने कर्मचारियों का हित भी सुरक्षित नहीं रख पा रही, मोहनलालगंज रोजगार सेवक रमेश प्रजापति ने मानदेय न मिलने के कारण आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली यह रोजगार सेवक सरकार के वह मुस्तैद सिपाही हैं जो हर विषम परिस्थिति में काम करते है। जैसे एसआईआर की पूरी प्रक्रिया इन्हीं लोगों के बल पर संपन्न हुई।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने कर्मचारियों को भी बचा पाने में असमर्थ सिद्ध हो रही है। बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में जो एक निषिद्ध क्षेत्र होता है वहां घुसकर सरकारी कार्य कर रहे दो अधिकारियों की हत्या कर दी गई है। हत्यारा वहां के भाजपा विधायक का ही गुर्गा है। यह सरकार बार-बार काशी का विकास-काशी का विकास की चर्चा करती है जबकि सच यह है कि इसने काशी की सांस्कृतिक विरासत की हत्या की है।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी आगरा के अध्यक्ष रामनाथ सिकरवार एवं किसान कांग्रेस आगरा के अध्यक्ष मुकेश डागुर के साथ कई किसान ने बताया कि आगरा का भूमि विकास बैंक जो अब राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक हो गया है कैसे किसानों के साथ सूदखोरों जैसा व्यवहार कर रहा है । भगवान दास नाम का किसान वर्ष 1997 में लोन लिया 18000, वर्ष 2016 में 4 लाख 18 हजार चुका कर खत्म कर दिया गया। उन्हीं कागजों पर पुनः दोबारा बैंक के दलालों द्वारा एक फर्जी लोन कर दिया गया और उसका तकादा अब भगवान दास द्वारा किया जा रहा है। इसी तरह अतर सिंह द्वारा वर्ष 2003 में लोन लिया गया 2 लाख 88 हजार, जमा किया 4 लाख 98 हजार और वर्ष 2025 में 20 लाख 14 हजार की देनदारी निकाल दी गई है।
