डॉ. अनिल रस्तोगी बचपन में मां द्वारा बेगम को बेचे जाने के बाद फकीरे के रूप में बड़े हुए। थिएटर से फिल्म तक का सफर तय किया। अक्षय कुमार की फिल्म ‘गरम मसाला’ में अनुभव साझा किया। पद्मश्री मिलने पर लोगों के स्नेह से उत्साहित हुए। लखनऊ की तहजीब और खानपान पर गर्व जताया।


The story of theatre personality Dr. Anil Rastogi: Sold by his mother as a child, this fakir achieved the Padm

डॉ. अनिल रस्तोगी, रंगमंच कर्मी
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



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यह जानकार आपको थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है लेकिन सौ फीसदी सच है कि हाल ही में पद्मश्री सम्मान के लिए जिनके नाम की घोषणा की गई है, वे डॉ. अनिल रस्तोगी असल में फकीरे थे। यह नाम उन्हें अवध की बेगम ने दिया था। इस बात की तस्दीक करते हुए अमर उजाला के साथ पॉडकास्ट में खुद डॉ. अनिल रस्तोगी ने बताया कि उनके परिवार में बच्चों की जल्द मौत हो जाती थी, इसलिए एक टोटके के तहत उनकी मां ने उन्हें बेगम को बेच दिया था। पढ़िए उस बातचीत के प्रमुख अंश।

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