राज्य कर विभाग की वर्ष 2024-25 के दौरान सचल दलों और विशेष अनुसंधान शाखा (एस आई बी) ने वर्ष 2024-25 में संयुक्त रूप से 4029.73 करोड़ की कर चोरी की रकम वसूली किया है। यह जानकारी राज्यकर विभाग की वार्षिक रिपोर्ट में दी गई है। प्रमुख सचिव एम. देवराज और आयुक्त डॉ. नितिन बंसल में सोमवार को यह रिपोर्ट जारी की है। इसमें वाहनों की जांच, ई-वे बिल अनियमितताओं की पकड़ और कर चोरी से जुड़ी विशेष जांचें शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सभी 20 जोनों में स्थापित 148 सचल दलों ने वर्ष 2024-25 में कुल 43,377 वाहनों की जांच की। इनमें पकड़े गए अनियमित/अधूरे दस्तावेज वाले माल का मूल्य 683.79 करोड़ रहा, जिस पर विभाग ने कर एवं पेनल्टी के माध्यम से बड़ी वसूली की। विशेष अनुसंधान शाखा (एसएआईबी) की जांचों में बड़े पैमाने पर कर चोरी उजागर हुई। वर्ष 2024-25 में एसएआईबी ने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच कर कुल 2193.94 करोड़ का कर निकाला।
ई-वे बिल में धांधली पर 1152 करोड़ की वसूली
ई-वे बिल व्यवस्था में सामने आए घोटालों तथा फर्जी बिलिंग के मामलों में विभाग ने कार्रवाई करते हुए 1152 करोड़ का अवशेष कर और पेनल्टी मौके पर ही जमा कराया। रिपोर्ट में इसे इस वर्ष की प्रवर्तन उपलब्धियों में प्रमुख माना गया है।