आगरा के यमुनापार में हुई राज चाैहान की हत्या मामूली नहीं थी। इसके पीछे वर्चस्व की लड़ाई थी। किसी को अपना दबदबा कायम करना है तो किसी को सटोरियों से वसूली करनी है। गेस्ट हाउस में हत्या के बाद आरोपी अरबाज उर्फ मंसूरी अपनी और अपने टीम की दहशत कायम करना चाहता था। इस हत्याकांड की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई थी।
यही वजह रही कि कमिश्नरेट पुलिस ने एक ही रात में तीन बदमाशों को मुठभेड़ में पकड़ा। हालांकि अरबाज खान उर्फ मंसूरी गोली लगने से ढेर हो गया। उसका साथी आशु तिवारी और मोहित पंडित पैर में गोली लगने से घायल हुए। 7 महीने बाद कमिश्नरेट में दूसरा बदमाश मुठभेड़ में ढेर हुआ है। करीब 3 साल पहले तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी. ने अपने कार्यकाल में एक के बाद एक एनकाउंटर कराए थे। डकैती, लूट और अपहरण में शामिल बदमाशों को पुलिस टीमों ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

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– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सराफ हत्याकांड में हुआ था पहला एनकाउंटर
आगरा को नवंबर 2022 में कमिश्नरेट का दर्जा मिला था। पहले पुलिस आयुक्त के ताैर पर डाॅ. प्रीतिंदर सिंह आए थे। उनके कार्यकाल में लूट की वारदात हुई थीं। बदमाश पकड़े भी गए। मगर उनके पैर में ही पुलिस की गोली लगती थी। जनवरी 2024 में उनका तबादला हो गया। उनके स्थान पर जे रविन्दर गाैड़ ने पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाला। उनके निर्देशन में पुलिस ने कई गिरोहों पर शिकंजा कसा। लूट-चोरी और हत्याकांड में शामिल बदमाशों को पकड़ा। इनमें कई की मुठभेड़ में गिरफ्तारी हुई। हर बार बदमाश पुलिस की घेराबंदी पर घायल ही हुए।

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– फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2025 में पुलिस आयुक्त का पद दीपक कुमार ने संभाला। उनके कार्यकाल में भी कई घटनाएं हुईं। मगर कारगिल चाैराहे स्थित बालाजी ज्वेलर्स के मालिक सराफ की लूट के दाैरान हत्या ने हिलाकर रख दिया। व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए। खुलासे के लिए तेज तर्रार आईपीएस विनायक भोसले और डीसीपी आदित्य सिंह के साथ सिकंदरा थाना निरीक्षक और जिले के बाहर के निरीक्षक को लगाया गया। कमिश्नरेट बनने के बाद मई 2025 में पहली बार ऐसा हुआ, जब सराफ की गोली मारकर हत्या करने का मुख्य आरोपी अमन मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब उनके कार्यकाल में सात महीने बाद दूसरा एनकाउंटर हुआ, जिसमें बदमाश ढेर कर दिया गया।

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कंपनी के दफ्तर में जांच करती पुलिस
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मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में डकैती में दो हुए थे ढेर
17 जुलाई 2021 को कमला नगर में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में फिरोजाबाद के बदमाशों ने डकैती डाली थी। 19 किलोग्राम सोना और 6 लाख रुपये लूटे गए थे। इस घटना का खुलासा 2 घंटे बाद ही हो गया था। पुलिस ने एत्मादपुर में घेराबंदी कर दो बदमाशों मनीष पांडेय और निर्दोष को ढेर कर दिया था। हालांकि सरगना महीनों बाद पकड़ा जा सका था।

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50 हजार का इनामी मुकेश ठाकुर भी मारा गया
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50 हजार का इनामी मुकेश ठाकुर भी मारा गया
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश की पुलिस के लिए चुनाैती बना 50 हजार का इनामी बदमाश मुकेश ठाकुर 30 अगस्त 2021 को मुठभेड़ में मारा गया था। इरादतनगर में केनरा बैंक में डकैती डालने के बाद राजस्थान के बसेड़ी इलाके का निवासी मुकेश ठाकुर को पुलिस गिरफ्तार कर ला रही थी। पुलिस का कहना है कि बदमाश ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी थी। जवाबी फायरिंग में मुकेश ठाकुर गोली लगने से ढेर हुआ था।
