
राधास्वामी सत्संग सभा ने फिर किया कब्जा
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आगरा में यमुना के डूब क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। रोक के बावजूद प्रशासन के लचर रवैये से अवैध निर्माण हो रहे हैं। पोइया घाट पर डूब क्षेत्र में फिर राधास्वामी सत्संग सभा ने सड़क बनाई। राजस्व टीम की जांच के 24 घंटे बाद भी प्रशासन आंख मूंदे हुए है।
सड़क निर्माण के बाद रविवार को पोइया घाट पर सुबह से शाम तक सत्संगियों का हुजुम उमड़ता रहा। मोक्षधाम के सामने बैरियर लगा दिए हैं। कार व चार पहिया वाहन घाट तक नहीं जा पा रहे। रास्ते में लाठी-डंडे लेकर सत्संगी पहरा दे रहे हैं। ऐसे में खासपुर, नगला तल्फी, मनोहरपुर, जगनपुर के ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि सत्संगियों ने रास्ते बंद कर दिए हैं। दूसरी तरफ मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने 30 अगस्त को यमुना किनारा पर हाथी घाट का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने डीएम को यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर रोक लगाने और चिह्नित कर ध्वस्त करने के आदेश दिए थे।
एक महीने बाद भी मंडलायुक्त के आदेश पर अमल नहीं हो सका। एनजीटी ने डूब क्षेत्र में किसी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा रखी है। प्रशासन रसूख के आगे बौना साबित हो रहा है।
राधास्वामी सत्संग सभा ने पहले डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को अपना बताने से इनकार किया था। शनिवार को राजस्व टीम जांच के लिए पहुंची। जांच में पता चला कि डूब क्षेत्र में राधास्वामी सत्संग सभा ने अतिक्रमण कर सड़क बनाई है। डीएम को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे बाद भी प्रशासन डूब क्षेत्र में हुए निर्माण को हटाना तो दूर, नोटिस या चेतावनी तक नहीं दे सका है।
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कानूनी पहलुओं पर विचार
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। पोइया घाट पर हुए निर्माण के संबंध में कानूनी पहलुओं को देखा जा रहा है। विधिक कार्रवाई पर विचार हो रहा है।
