National Lok Adalat Muzaffarnagar को लेकर जनपद न्यायालय परिसर में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च 2026 के सफल आयोजन और जनजागरूकता के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में एक विशेष रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर बिरेन्द्र कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।

इस अवसर पर न्यायालय परिसर में मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने लोक अदालत के महत्व और इसके माध्यम से मिलने वाले त्वरित न्याय के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। रैली के माध्यम से लोगों को बताया गया कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान किया जाता है।


राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक करने की पहल

National Lok Adalat Muzaffarnagar के आयोजन को लेकर यह रैली विशेष रूप से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली गई। रैली में शामिल प्रचार वाहन और न्यायालय से जुड़े प्रतिनिधियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दी।

रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से वे अपने पुराने और लंबित मामलों का निपटारा बहुत ही सरल और कम समय में कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि लोक अदालत में फैसले आपसी समझौते के आधार पर होते हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच सौहार्द बना रहता है।


जनपद न्यायाधीश बिरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया लोक अदालत का महत्व

रैली के शुभारंभ के अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक ऐसा माध्यम है जहां हार और जीत का प्रश्न नहीं होता, बल्कि दोनों पक्ष आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने विवादों का समाधान करते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जब वादकारी आपसी सहमति से विवाद का निस्तारण करते हैं तो न केवल उनके बीच आपसी सौहार्द बना रहता है बल्कि उनका कीमती समय और संसाधन भी बचते हैं।


त्वरित और सुलभ न्याय का सशक्त माध्यम

National Lok Adalat Muzaffarnagar के बारे में जानकारी देते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।

कई बार न्यायालयों में मामलों की लंबी प्रक्रिया के कारण लोगों को वर्षों तक न्याय का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में लोक अदालत एक प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आती है जहां बहुत कम समय में विवादों का समाधान संभव हो जाता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी सहमति से उनका निस्तारण कराएं।


14 मार्च को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आगामी National Lok Adalat Muzaffarnagar का आयोजन 14 मार्च 2026, द्वितीय शनिवार को किया जाएगा।

यह आयोजन केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जिले के विभिन्न न्यायिक केंद्रों पर भी आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत निम्न स्थानों पर लोक अदालत आयोजित की जाएगी:

  • दीवानी न्यायालय परिसर, मुजफ्फरनगर

  • वाह्य न्यायालय, बुढाना

  • ग्राम न्यायालय, जानसठ

  • ग्राम न्यायालय, खतौली

  • कलक्ट्रेट परिसर, मुजफ्फरनगर

इन सभी स्थानों पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा।


कई प्रकार के मामलों का होगा निस्तारण

National Lok Adalat Muzaffarnagar के दौरान अनेक प्रकार के मामलों का समाधान किया जाएगा। इनमें आपराधिक मामलों से लेकर नागरिक विवाद तक कई श्रेणियां शामिल हैं।

लोक अदालत में जिन मामलों का निस्तारण किया जाएगा, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • आपराधिक मामलों से संबंधित विवाद

  • धारा 138 एन.आई. एक्ट से जुड़े मामले

  • बैंक रिकवरी से संबंधित मामले

  • मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं

  • टेलीफोन, बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद

  • वैवाहिक वाद

  • भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले

  • राजस्व वाद

  • अन्य सिविल मामलों का समाधान

इन मामलों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा, जिससे वादकारियों को त्वरित राहत मिल सके।


रैली में मौजूद रहे कई न्यायिक अधिकारी

इस अवसर पर कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में अपर जिला जज सीताराम, कनिष्क कुमार सिंह, काशिफ शेख, श्रीमती रेखा सिंह, श्रीमती दिव्या भार्गव, श्रीमती मंजुला भलोटिया, कमलापत्ति प्रजापति, रवि कुमार दिवाकर (नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत) सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. देवेन्द्र सिंह फौजदार, डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी (सिविल जज सी.डी./सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर) तथा सोनम गुप्ता (अपर सिविल जज) सहित न्यायालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


लोक अदालत से लोगों को मिलती है बड़ी राहत

National Lok Adalat Muzaffarnagar जैसे आयोजनों के माध्यम से आम लोगों को न्याय प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलती है। लोक अदालत के माध्यम से न केवल मामलों का तेजी से समाधान होता है बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या भी कम होती है।

इसके अलावा वादकारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और अधिक खर्च से भी राहत मिलती है। यही कारण है कि देशभर में लोक अदालत को न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम माना जाता है।


मुजफ्फरनगर में आयोजित यह जागरूकता रैली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों को प्रस्तुत कर आपसी समझौते के आधार पर उनका समाधान कराएं, ताकि न्याय प्रक्रिया सरल, तेज और प्रभावी बन सके तथा समाज में सौहार्द और विश्वास की भावना मजबूत हो।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *