
विष्णु
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विष्णु
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसटीएफ ने विष्णु की गिरफ्तारी के लिए गांव बिजाैली में दबिश दी। पहले परिजन समझे थे कि बदमाशों ने धावा बोला है। उन्होंने 112 नंबर मिलाया। टीम ने भाइयों विष्णु और दिनेश को उठाया। इनमें से एक को छोड़ दिया गया। बाद में परिजन को एसटीएफ की गिरफ्तारी के बारे में पता चला।
फिरोजाबाद के हरिया गांव के रहने वाले सूरजपाल 1985 में बिजाैली आए थे। यहीं पर बस गए। वह छोटे बेटे विष्णु को फौजी बनाना चाहते थे। उसने बीए तक पढ़ाई की है। फौज में भर्ती होने की तैयारी भी कर रहा था। दो महीने पहले दिल्ली से घर आया था। तब से गांव में सुबह-शाम जिम पर रहता था। खेती में हाथ बंटाता था। जिम में पक्की तलैया बाह का प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित आता था। उसने ही बेटे को फंसाया। दो बड़े बेटे संतोष एवं दिनेश कैटर्स का काम करते हैं। वह परिवार के साथ 1985 में फिरोजाबाद के हरिया गांव से आकर बिजौली में बसे थे। ट्यूबवेल पर कुछ साल पहले उनके पिता की हत्या कर दी गई थी।