किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म और धर्मांतरण के मामले में दो और प्रोफेसर शक के दायरे में आ गए हैं। दोनों प्रोफेसर आरोपी रेजिडेंट डॉ. रमीज मलिक के मददगारों में शामिल रहे। डॉ. रमीज की कॉल डिटेल के आधार पर पता चला है कि दोनों प्रोफेसर रमीज से बहुत ज्यादा बात करते थे।
पुलिस के अलावा केजीएमयू की दो समितियां भी मामले की जांच कर रही हैं। इनमें विशाखा समिति यौन उत्पीड़न और दूसरी समिति डॉ. रमीज के मददगारों की पहचान कर रही है। सात सदस्यीय समिति में पूर्व पुलिस महानिदेशक के साथ ही अन्य डॉक्टर हैं। जांच के दौरान पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टरों से सवाल पूछा गया कि आखिर छात्रा के आत्महत्या के प्रयास की घटना के बावजूद उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी। पीड़िता पर दबाव बनाकर उसे मामला रफा-दफा करने के लिए क्यों कहा गया।
