नगर निगम ने शहर की करीब 40 लाख आबादी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। मंगलवार को हुई नगर निगम सदन की बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सहित 10 तरह के प्रतिष्ठानों का लाइसेंस शुल्क तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। इससे रहना, खाना और इलाज करना भी मंहगा हो जाएगा।
नगर निगम के कल्याण मंडपों का किराया भी 40 प्रतिशत बढ़ाया है। इससे वैवाहिक आयोजन का खर्च भी बढ़ेगा। फिलहान स्पा सेंटर, कोचिंग सेंटर और शोरूम सहित 20 तरह के प्रतिष्ठानों को लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाने का प्रस्ताव व्यापारियों के विरोध को देखते हुए स्थगित किया गया है।
शहर में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी का लाइसेंस शुल्क दो गुना तक बढ़ाया गया है। एक अप्रैल से यह लागू हो जाएगा। नर्सिंग होम, प्रसूति गृह, रेस्टोरेंट आदि के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम सदन से पास हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते यह लागू नहीं हो पा रहा था जो अब लागू होगा। जानकारों ने बताया कि नगर निगम करीब 20 साल लाइसेंस जारी कर रहा है, लेकिन शुल्क में बढ़ोतरी अब हुई है। इससे अब नगर निगम को लाइसेंस शुल्क से होने वाली सालाना आय पांच करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ हो जाएगी।
