लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर बुधवार शाम छात्राएं धरने पर बैठ गईं। दूषित खाने के विरोध में हॉस्टल की छात्राओं ने रात का भोजन भी नहीं किया और उपवास रखकर नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि मेस में परोसे गए भोजन से एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।

जानकारी के अनुसार, लॉ फैकल्टी तृतीय वर्ष की छात्रा मेघना शाह ने दोपहर में मेस का खाना खाया था। कुछ ही देर में उन्हें तेज उल्टियां शुरू हो गईं और वह बेहोश हो गईं। साथ रहने वाली छात्राओं ने उन्हें संभाला। मेघना का कहना है कि दाल में कीड़े जैसी चीज नजर आई और उसका स्वाद व बनावट अजीब थी। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया। शाम तक उनकी बिगड़ती हालत का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।

छात्राओं ने वार्डन जाह्नवी और हॉस्टल की प्रोवोस्ट नीतम सिंह को सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मेस की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, पर सुधार नहीं हुआ। छात्राओं ने साफ और सही गुणवत्ता वाला भोजन और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की है।



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