अप्रैल से गृहकर और जलकर के बिल एक हो जाएंगे। इस कारण इन्हें जमा करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। दोनों बिल एक करने के लिए एनआईसी (नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर) ने अपडेट सॉफ्टवेयर तैयार किया है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे करीब साढ़े पांच लाख आबादी को सहूलियत मिलेगी।
शासन के आदेश के बाद करीब एक वर्ष से चल रही गृहकर और जलकर बिल को एक करने की कवायद पूरी हो गई है। एक अप्रैल से नए बिल में ये दोनों एक होंगे। लोग नगर निगम के ही काउंटर पर इन्हें जमा कर सकेंगे। भवनस्वामी को यह सुविधा भी मिलेगी कि वह आर्थिक सहूलियत के हिसाब से दोनों बिलों को दो बार में जमा कर सकेगा। एक बार में ही दोनों बिल अदा करने की बंदिश नहीं है। गृहकर और जलकर पर मिलने वाली छूट पहले की तरह जारी रही। बिल पर गृहकर और जलकर का विवरण अलग-अलग रहेगा, जिससे दोनों की रकम आसानी से पता चल जाएगी।
