रहीमनगर में किराये के मकान में रहने वाले सत्येंद्र सिंह ने घरेलू कलह में बेटी की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। उसे मरा समझकर शुक्रवार रात सत्येंद्र गोमती के किनारे पहुंचे और छलांग लगा दी। शनिवार सुबह उनका शव 1090 चौराहे के पास नदी में उतराता मिला। सिविल अस्पताल में भर्ती उनकी बेटी समृद्धि की हालत खतरे से बाहर है।

विभूतिखंड स्थित निजी बैंक में पीआर मैनेजर सत्येंद्र मूल रूप से हरदोई स्थित फतेहपुर गाजी के रहने वाले थे। उनके पिता इंद्रपाल सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार को बेटे सत्येंद्र और बहू ज्योति में विवाद हुआ। झगड़े के बाद दोनों ने महानगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। बाद में दोनों में समझौता कराया गया। इंद्रपाल ने बहू पर प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है।

इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि 1090 चौराहे पर शुक्रवार देर रात खड़ी बाइक देखकर गौतमपल्ली पुलिस ने छानबीन की। बाइक में रखे कागजात के आधार पर ज्योति से संपर्क किया गया। पूछताछ में उसने पूरी बात बताई। शनिवार सुबह मिले शव की पहचान ज्योति ने पति सत्येंद्र के रूप में की।

ज्योति एक एनजीओ के तहत संचालित संस्था में शिक्षिका की ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पति सत्येंद्र कई दिन से डिप्रेशन में थे। वह उन्हें नौकरी करने से मना कर रहे थे। इसे लेकर दोनों में बृहस्पतिवार रात विवाद हुआ था। सत्येंद्र ने ज्योति की पिटाई करने के साथ प्रेस से जला दिया।

ज्योति का आरोप है कि सत्येंद्र अक्सर मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। शुक्रवार को ज्योति ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत की। सत्येंद्र ने भी पत्नी की दूसरे व्यक्ति से नजदीकियों और जान का खतरा बताकर तहरीर दी थी।



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