
रावण दरबार।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दशहरे के दिन रावण के पुतला जलाकर उसे मारने की परंपरा आदि काल से चली आ रही है। लेकिन लखनऊ का एक ऐसा मंदिर है जहां दशहरा के दिन रावण की पूजा की जाती है।
रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। दशहरे पर हम हर साल उसके पुतले जलाकार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हैं। पर लखनऊ के एक मंदिर में ऐसा नहीं होता है। लखनऊ के रानी कटरा के चार धाम मंदिर में रावण का दरबार सजाया जाता है। हर साल दशहरा पर उसकी पूजा की जाती है। यह परपंरा बीते 123 साल से चली आ रही है।
स्थानीय पूर्व सभासद विष्णु त्रिपाठी उर्फ लंकेश हर साल दशहरा पर रावण की प्रतिमा की पूजा करते आए हैं। बीते साल उनका निधन हो गया था। अब इस बात की चिंता की जा रही है कि उनके ना रहने पर इस रस्म को कौन आगे ले जाएगा। इस मंदिर में दशहरा के दिन कई लोग पूजा करने भी आते हैं। उनके बीच भी इस बात की चर्चा है कि इस बार रावण की पूजा कौन करेगा।
ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण लगभग 123 वर्ष पूर्व कुंदन लाल कुंज बिहारी ने करवाया था। मंदिर के पास चारों धाम भी हैं। इसे छोटी काशी कहा जाता है। यहां पर रामेश्वरम भगवान हैं। रामसेतु है साथ ही यहां लंका भी बनाई गई है।
ऐसी उम्मीद की जा रही है कि विष्णु त्रिपाठी के कोई करीबी व्यक्ति यहां पूजा अर्चना कर सकते हैं। दशहरा के दिन यहां एक छोटा सा मेला भी लगता है।
