विस्तार
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग के पास स्कूली वाहन चालकों की आ रही शिकायतों को लेकर सख्त रवैया अख्तियार किया है। ड्राइवरों की मनमानी को गंभीरता से लेते हुए आरटीओ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि विभाग के इंटरसेप्टर से स्कूल वाहनों की चेकिंग में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक पाए जाने पर स्कूल की मान्यता कैंसिल करने तक की सिफारिश की जाएगी।
स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की ओर से शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। स्कूली वाहनों की ओवरस्पीडिंग पाए जाने पर विभाग की ओर से स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जाएगा। शिक्षा विभाग से कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा। बता दें कि ड्राइवर स्कूली वाहनों में लगे स्पीड गवर्नर से छेड़छाड़ कर रहे हैं।
स्कूली वाहनों के लिए 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तय है, फिर भी ड्राइवर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहनों को चला रहे हैं। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। चालकों की इस मनमानी पर कार्रवाई होगी, जिसके बाद ही वाहन स्वामी सुधरेंगे और स्कूल प्रबंधन भी इसे गंभीरता से लेगा। आरटीओ संदीप कुमार पंकज ने बताया कि स्कूली वैन और बसों के तय से अधिक रफ्तार से चलाने तथा क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना नियमों का उल्लंघन है। जिसके लिए वाहन मालिक व स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार है। बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
