कानपुर में जाजमऊ और रूमा के लोगों के शरीर में अभी भी कैंसरकारी क्रोमियम घुला हुआ है लेकिन इसको रोकने की कोई भी व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। इन लोगों के इलाज की भी व्यवस्था नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग भी खून के नमूने इकट्ठे कर पल्ला झाड़ रहा है। प्रदूषण, जलकल जैसे विभागों की ओर से भी कोई खास काम पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए नहीं किया जा रहा। इसी के चलते फरवरी में आई 233 लोगों की रिपोर्ट में 215 के शरीर में क्रोमियम, चार में मरकरी और 10 लोगों में लेड पाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी में रूमा और जाजमऊ निवासियों के खून के सैंपल जांच के लिए इकट्ठे किए गए थे। 586 लोगों के सैंपलिंग की गई और 233 की रिपोर्ट फरवरी में आई। बाकी 353 लोगों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई। इतना ही नहीं इन 215 लोगों के इलाज के लिए भी कोई व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से ये कहकर नहीं की गई कि जिनमें क्रोमियम मिला है, उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी या लक्षण नहीं हैं। ऐसे में उन्हें क्या इलाज दिया जाए।
