अधिकारियों की लापरवाही नौनिहालों की जान पर भारी पड़ रही है। संभागीय परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच स्कूली वाहनों के बारे में तालमेल नहीं बैठ सका है। पिछले तीन साल से यूपी बोर्ड के स्कूलों की वाहन सूची तक तैयार नहीं हुई है। इसी बात का फायदा खटारा और अनफिट वाहन चलाने वाले उठा रहे हैं। अब एक और बेटी की जान जाने के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं लेकिन कुछ नहीं मिल रहा।

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आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भागूपुर की छात्रा नैना की मौत स्कूल वाहन की टूटी फर्श से सड़क पर गिरने और पहिये से कुचल जाने से हुई। इस घटना पर उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह बृहस्पतिवार सुबह ही आरटीओ कार्यालय पर आ गईं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और दुर्घटना करने वाली बस का रिकॉर्ड खंगाला गया लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं आई।

 



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