आगरा में नजूल की भूमि पर राजा मंडी बाजार में बनी लाभचंद्र मार्केट के पट्टा नवीनीकरण में भ्रष्टाचार के आरोप फाइलों में ही दब गए। इस मामले में विजिलेंस जांच के बाद नगर निगम से कार्रवाई की रिपोर्ट सीएम कार्यालय से 48 घंटे में तलब की गई थी लेकिन वह रिपोर्ट 1000 दिन बाद भी लापता है।
राजा मंडी स्थित नजूल भूखंड संख्या 2032 व 2033 की भूमि कौड़ियों के भाव पट्टे पर दी गई। इससे करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। इसकी शिकायत 2020 में सबसे पहले शासन पहुंची। पट्टे के नवीनीकरण में फर्जीवाड़े के आरोप लगे। सतर्कता विभाग यानी विजिलेंस ने जांच में पुष्टि की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्रवाई के सख्त निर्देश देते हुए 48 घंटे में रिपोर्ट तलब की। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीन साल तक जांच को ठंडे बस्ते में डाले रखा। इस लापरवाही पर शासन ने दोबारा कड़ी नाराजगी जताई।
नगर आयुक्त और निदेशक स्थानीय निकाय को अंतिम चेतावनी जारी की गई तब नगरायुक्त ने 5 अप्रैल 2025 को पट्टा तो निरस्त कर दिया लेकिन नवीनीकरण में हुए भ्रष्टाचार की रिपोर्ट नहीं भेजी। पट्टे की भूमि पर राजा मंडी में लाभचंद्र मार्केट बनी है। यहां दूसरी मंजिल पर धर्मलोक और चंद्रलोक होटल संचालित हैं जबकि नीचे 69 दुकानें किराये पर हैं।