जनपद Muzaffarnagar में शिक्षा के क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक खबर सामने आई है। लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की मान्यता प्राप्त हो गई है, जिससे अब विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इस उपलब्धि को विद्यालय परिवार, अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। 🎓

विद्यालय परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की औपचारिक जानकारी दी गई, जहां शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


विद्या भारती के मार्गदर्शन में विद्यालयों का मजबूत शैक्षिक नेटवर्क

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए Arun Khandelwal ने बताया कि विद्या भारती के निर्देशन में देशभर में लगभग 13,500 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थी लगातार विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के अतिरिक्त सरस्वती विद्या मंदिर केशवपुरी सहित कुल पांच विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनके छात्र उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में लगातार बेहतर परिणाम देकर जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं।


लंबे प्रयासों के बाद मिली CBSE मान्यता

विद्यालय प्रबंधन पिछले वर्ष से CBSE मान्यता प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत था। इस वर्ष प्रयास सफल होने के बाद विद्यालय के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।

बताया गया कि इस शैक्षिक सत्र से कक्षा छह से CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई प्रारंभ कर दी जाएगी। वहीं कक्षा 9 और कक्षा 11 के जो विद्यार्थी पहले से अध्ययनरत हैं, उनकी परीक्षाएं फिलहाल उत्तर प्रदेश बोर्ड के माध्यम से ही संपन्न होंगी। इसके बाद विद्यालय पूरी तरह CBSE पैटर्न पर संचालित किया जाएगा।


इंग्लिश लैब और रोबोटिक लैब से छात्रों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

विद्यालय प्रशासन ने छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से इंग्लिश लैब और रोबोटिक लैब की स्थापना भी कर दी है। इंग्लिश लैब विशेष रूप से हिंदी माध्यम से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी, जहां उन्हें भाषा कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

रोबोटिक लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यह पहल छात्रों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 🤖


गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान

विद्यालय प्रबंधन समिति ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं बल्कि छात्रों को संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। विद्यालय परिसर में अनुशासन और पारिवारिक वातावरण को विशेष महत्व दिया जाता है।

यहां छात्र-छात्राएं एक-दूसरे को भाई-बहन के रूप में संबोधित करते हैं और सभी शिक्षकों को “आचार्य” कहकर सम्मान दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।


हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए मुफ्त विशेष अंग्रेजी प्रशिक्षण की व्यवस्था

विद्यालय के प्रधानाचार्य Akhilesh Kumar Sharma ने बताया कि कक्षा छह में प्रवेश लेने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों को विद्यालय की ओर से अंग्रेजी विषय का विशेष प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं और यही कारण है कि परीक्षा परिणामों में विद्यालय का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। अनुशासन और समर्पण विद्यालय की पहचान बन चुके हैं।


विद्यालय प्रबंधन समिति ने जताई संतोष और गर्व की भावना

विद्यालय को CBSE मान्यता मिलने पर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष Surat Singh Verma, प्रबंधक उद्योगपति Bal Bahadur, कोषाध्यक्ष Ajay Kumar Jain तथा संघ के प्रांतीय पदाधिकारी Lalit Maheshwari सहित अन्य पदाधिकारियों ने इसे शिक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधनों का विस्तार आगे भी जारी रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।


CBSE मान्यता से जिले के छात्रों को मिलेगा नया शैक्षिक विकल्प

CBSE मान्यता मिलने से अब जिले के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही राष्ट्रीय पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे अभिभावकों को भी अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी।

विद्यालय प्रशासन का मानना है कि आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों और अनुशासित वातावरण के साथ यह संस्थान आने वाले वर्षों में जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।


लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज को CBSE मान्यता मिलने से मुजफ्फरनगर के शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जहां पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के समन्वय के साथ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



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