सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का आगरा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ते असर का मुद्दा राजधानी लखनऊ में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गूंजा। विधायक पुरूषोत्तम खंडेलवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि आगरा का फाउंड्री उद्योग पहले ही उजड़ चुका है। नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहे और पुराने उद्योग बंद हो रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरोकारी की जाए ताकि बंद होते उद्योगों को बचाकर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने दीपक चाहर, राहुल चाहर, ध्रुव जुरैल, दीप्ती शर्मा, पूनम यादव जैसे राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का उदाहरण देकर मांग की कि सरकार आगरा में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाए जो खेल जगत के साथ-साथ पयर्टन के लिहाज से भी अहम होगा। वहीं, करीब हजार वर्ष पुराने आनंदी भैरव मंदिर के किनारे यमुना घाट का जीर्णोद्धार किया जाए ताकि दयालबाग, सिकंदरा और ताज महल देखने वाले लोग उस घाट का भी आनंद ले सकें।

साथ ही कहा कि कैलाश मंदिर से ताजमहल तक यमुना में जल की उपलब्धता के लिए चेकडैम या बैराज निर्माण की मांग की ताकि पर्यटकों को नौका विहार एवं बनारस की तर्ज पर भव्य यमुना मैया की आरती देखने का अवसर मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने करीब तीन सौ साल पुराने मथुरेश जी के मन्दिर की आरती में आ रही बाधाओं को सुप्रीम कोर्ट से पैरवी कर दूर कराने की मांग की। इससे पहले उन्होंने कहा कि एक समय था जब आईटीआई में सिर्फ सरकारी नौकरी के लिए सर्टिफिकेट मिलता था। अब कट्टे चलाना नहीं सिखाया जा रहा बल्कि प्रशिक्षण देकर युवाओं को हुनरमंद किया जा रहा है।

विधायक ने सरकार तक पहुंचाईं नगला पैमा गांव के लोगों की मुश्किलें

विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने छावनी विधानसभाक्षेत्र के गांव नगला पैमा जाने के रास्ते का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में गांव के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है। गांव के लोगों को धांधूपुरा गांव से 10 किलोमीटर ज्यादा का सफर कर आना-जाना पड़ता है। वहीं, दूसरा रास्ता ताजमहल की बाउंड्री से होकर जाता है लेकिन वहां से ताज सुरक्षा संभाल रही सीआईएसएफ के जवान जाने नहीं देते। उन्होंने नाले के ऊपर पक्का स्लैब डालकर रास्ता बनाने के लिए मांग की ताकि लोगों को आसान रास्ता मिल सके।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *