Shahpur transformer theft gang के खिलाफ उत्तर प्रदेश के Muzaffarnagar जिले में पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। हाईवे पर तेज रफ्तार पीछा, बैरियर तोड़कर भागते बदमाश, पुलिस पर फायरिंग और फिर एक-एक कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी—यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन से कम नहीं रहा। इस साहसिक ऑपरेशन में शाहपुर थाना पुलिस ने न केवल छह शातिर चोरों को दबोचा, बल्कि बिजली ट्रांसफार्मरों से चोरी की गई तांबे की भारी कॉइल, एल्यूमिनियम तार, अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया।


🔴 शाहपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, इलाके में दहशत खत्म करने की कोशिश

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शाहपुर थाना पुलिस बाबूजी फिलिंग स्टेशन के पास निरमानी गेट पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। शाम के समय जैसे ही मुजफ्फरनगर की ओर से एक छोटा हाथी वाहन तेज रफ्तार में आता दिखाई दिया, पुलिस टीम ने उसे रोकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने रुकने के बजाय बैरियर में टक्कर मारते हुए वाहन को शाहपुर की ओर मोड़ दिया और भागने की कोशिश की।

यहीं से शुरू हुआ Shahpur transformer theft gang के खिलाफ वह रोमांचक पीछा, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को पुलिस सायरनों और अफरा-तफरी से भर दिया।


🔴 कच्चे रास्ते पर फंसा वाहन, पुलिस पर की फायरिंग

भागते हुए बदमाश निरमाना की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर मुड़ गए, जहां उनका छोटा हाथी वाहन कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ जमीन में फंस गया। खुद को घिरा देख आरोपियों ने वाहन छोड़ दिया और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगे।

हालांकि पुलिस टीम सतर्क थी। गोलियों की आवाज के बीच भी जवानों ने मोर्चा संभाले रखा और आवश्यक बल प्रयोग करते हुए एक साथ दबिश दी। कुछ ही पलों में छहों बदमाशों को चारों ओर से घेरकर काबू में ले लिया गया।


🔴 गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में शामिल हैं:

  • जोगिंद्र उर्फ टीना, पुत्र संसार सिंह, निवासी ग्राम वहलना, थाना खालापार

  • मनोज उर्फ मोनू, पुत्र हरिचंद, निवासी मदारपुरा, थाना सरधना, जिला मेरठ

  • अहसान, पुत्र गुच्छन, निवासी प्रेमनगर, थाना लोनी, जिला गाजियाबाद

  • अरविंद, पुत्र पवन, निवासी मदारपुरा, थाना सरधना, जिला मेरठ

  • सौरभ, पुत्र कविंद्र, निवासी मदारपुरा, थाना सरधना, जिला मेरठ

  • शोकीन, पुत्र हबीब, निवासी ग्राम अशोक विहार, थाना लोनी, जिला गाजियाबाद

इन सभी को मौके से ही हिरासत में लेकर थाने लाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।


🔴 हथियार और लाखों की चोरी का माल बरामद

Shahpur transformer theft gang के पास से पुलिस ने जो सामान बरामद किया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। तलाशी के दौरान टीम को मिला:

  • 02 तमंचे (315 बोर)

  • 02 जिंदा कारतूस और 02 खोखा

  • 04 अवैध चाकू

  • लगभग 220 किलोग्राम तांबे की कॉइल

  • करीब 20 किलोग्राम एल्यूमिनियम तार

  • वारदात में इस्तेमाल छोटा हाथी वाहन (संख्या डीएल 01 एलएएम 1321)

बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।


🔴 कई जिलों में फैला था चोरी का नेटवर्क

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर और आसपास के अन्य जिलों के कई इलाकों से बिजली ट्रांसफार्मरों को काटकर तांबे की कॉइल और बिजली के तार चोरी करते थे। जिन क्षेत्रों के नाम सामने आए, उनमें कुतुबपुर, खुड्डा, भैसरहेड़ी, तुगलकपुर, शकरपुर, मोला हेड़ी, लछेड़ा और कुरथल जैसे इलाके शामिल हैं।

चोरी की गई कॉइल और तारों को वे अलग-अलग कबाड़ियों और अवैध खरीददारों को बेचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके पूरे नेटवर्क पर ब्रेक लगा दिया।


🔴 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन

यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल के मार्गदर्शन में शाहपुर थाना पुलिस ने यह सफलता हासिल की।

क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह और थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने जिस तरह से इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसकी पुलिस महकमे में भी सराहना हो रही है।


🔴 पुलिस टीम को मिला इनाम और सम्मान

इस साहसिक और सराहनीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी टीम को 15,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल टीम के मनोबल को बढ़ाने वाला है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी देता है कि कानून से बच पाना आसान नहीं।


🔴 बिजली चोरी से आम जनता को कैसे होता है नुकसान

Shahpur transformer theft gang जैसे गिरोह सिर्फ सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि आम जनता की जिंदगी पर भी असर डालते हैं। ट्रांसफार्मर से कॉइल और तार चोरी होने के बाद पूरे गांव या इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे अस्पताल, स्कूल, छोटे उद्योग और घरेलू जीवन बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

इसके अलावा, खुले पड़े कटे हुए ट्रांसफार्मर और तार जानलेवा भी साबित हो सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।


🔴 ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए। बिजली विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे, रात की गश्त और स्थानीय निगरानी समितियां सक्रिय हों, तो ऐसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।




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