मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) – जनपद मुजफ्फरनगर में शातिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज हो रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना शाहपुर, थाना भोपा और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने रात्रि के समय मंधेडा रजवाहे के पास डकेती की योजना बना रहे अपराधियों के गिरोह का पर्दाफाश किया और 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें एक अभियुक्त घायल हो गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से अवैध हथियार, सफेद व पीली धातु के आभूषण, नशीला पदार्थ, मास्क, जैकेट, और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और उनके कब्जे से बरामदगी:
पुलिस ने घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया और गिरफ्तार अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ जारी रखी। गिरफ्तार अपराधियों में रिंकू, पंकज, वंश, शिवम और आदित्य शामिल हैं। इनके पास से जो सामान बरामद हुआ, वह पहले से की गई चोरियों और डकेतियों के लिए इस्तेमाल होने वाला था।
गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से मिली सामग्री में सफेद व पीली धातु के आभूषण, 01 मोटरसाइकिल, 02 बैग, मास्क, जैकेट, नशीला इंजेक्शन, प्लास्टिक नोड, और अन्य सामान शामिल हैं। यह सामग्री अपराधियों की शातिर योजनाओं की ओर इशारा करती है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे भविष्य में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम का पृष्ठभूमि:
यह घटना उसी समय घटित हुई जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त अपराधी गिरोह मंधेडा रजवाहे के पास डकेती की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दी और बदमाशों को आत्मसर्मपण करने की चेतावनी दी। पुलिस ने जैसे ही घेराबंदी की, अपराधियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी सूक्ष्म फायरिंग की, जिससे एक बदमाश घायल हो गया और अन्य चार को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद सामने आईं अन्य घटनाएं:
इन अपराधियों की गिरफ्तारी से कई अन्य संगीन घटनाओं का भी खुलासा हुआ है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि उन्होंने पहले भी कई लूट, डकेती और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस को उन घटनाओं को सुलझाने में मदद मिली है, जिनमें अहम गवाहों को बंधक बनाकर आभूषण और नकदी चुराई गई थी।
मृतक सोमपाल सिंह की हत्या, 8/9 दिसंबर को भोपा क्षेत्र में हुई लूट, और 25/26 दिसंबर की रात को शाहपुर क्षेत्र के गांव बसीकला में हुई चोरी जैसे अपराधों में इन अपराधियों का हाथ था। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल था और पुलिस को इन अपराधियों की तलाश थी। इनकी गिरफ्तारी से कई खुलासे हुए हैं, जो आने वाले दिनों में इन अपराधियों के बाकी अपराधों को सामने लाने में सहायक साबित होंगे।
पुलिस टीम का नेतृत्व:
इस सफलता का श्रेय थाना शाहपुर की पुलिस टीम को जाता है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, एसओजी के सुभाष अत्री, और अन्य पुलिस कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। इसके अलावा थाना भोपा और एसओजी की टीम ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए डकेती की योजना को नाकाम किया। पुलिस टीम की सतर्कता और तत्परता ने अपराधियों के मंसूबों को पचाड़ते हुए उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी:
गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी बहुत लंबा है। विशेष रूप से रिंकू, जो एक शातिर लूटेरा और डकैत के रूप में जाना जाता है, और जो पहले से गैंगस्टर के अभियोग में वांछित था, का गिरफ्तार होना पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। ये सभी अपराधी गिरोह बनाकर लूट, डकेती और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इनके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, और अब पुलिस इनकी पूरी हिस्ट्री को खंगालने में लगी है।
माफिया की धरपकड़:
इन अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस का अभियान और तेज हो गया है। शाहपुर और भोपा जैसे क्षेत्रों में लूट, डकेती और चोरी की घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर पुलिस अलर्ट हो गई है। अब पुलिस की प्राथमिकता इन अपराधियों के बाकी साथियों को भी पकड़ने की होगी, ताकि क्षेत्र में बढ़ती अपराध दर पर काबू पाया जा सके।
अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी:
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस ने इन अपराधियों की आपराधिक गतिविधियों के संबंध में साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस की टीमें क्षेत्र में स्थित अन्य अपराधियों के खिलाफ छापेमारी भी कर रही हैं।
आगे क्या होगा?
इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है। अब पुलिस का फोकस इन अपराधियों के शेष साथियों को पकड़ने और अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर होगा। पुलिस की कड़ी मेहनत से जहां एक ओर अपराधियों के मनोबल को टूटेगा, वहीं दूसरी ओर जनता का विश्वास भी पुलिस प्रशासन पर मजबूत होगा।
