मुरादाबाद में एनकाउंटर में मारा गया हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर कलां निवासी आशु चड्ढा उर्फ मोंटी वर्ष 2010 में हत्या के मामले में नामजद होने के बाद जेल गया था। जहां उसकी मुलाकात उधम सिंह के गुर्गों से हुई और वह अपराध के दलदल में फंसता चला गया।
इसके बाद उसने लूट, डकैती और रंगदारी जैसे कई संगीन अपराध किए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात बन गया। गुरुवार शाम को उसका शव गांव पहुंचा। जहां गांव के ही श्मशान में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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आशु उर्फ मोंटी चड्ढा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आशु उर्फ मोंटी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। जब वह साढ़े तीन साल का था तभी उसकी मां का बीमारी के चलते देहांत हो गया। इसके बाद मोंटी को ततारपुर निवासी उसकी बुआ ने पाला।
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मुठभेड़ में ढेर बदमाश आशु के बारे में जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंचे एसएसपी अंतिल
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परिवार के लोगों की मानें तो 2010 में गांव में हुई पप्पू की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इस मामले में रंजिशन फंसाया गया था और इसी मुकदमे के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। पप्पू की पत्नी उर्मिला ने आशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मुठभेड़ में ढेर बदमाश आशु के बारे में जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंचे पुलिस अफसर
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करीब एक साल बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई थी लेकिन एक साल बाद ही 2012 में वह पेरोल पर जेल से बाहर आ गया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के बदमाशों से हुई। जेल से छूटने के बाद उसने ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात बदमाश बन गया।
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मुठभेड़ में ढेर बदमाश आशु, जिला अस्पताल में पुलिस अधिकारी
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2014 में मेरठ के थाना सरधना और थाना सरूरपुर क्षेत्र में गैंगवार के दौरान हुई दो हत्याओं के मामले पुलिस ने आशु को गिरफ्तार किया था। 2016 में गाजियाबाद के थाना कविनगर क्षेत्र में लूट और इंद्रापुरम से चोरी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।