इटावा जिले के बहुचर्चित संतोषपुर ईटगांव बवाल मामले में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत का फैसला आ गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश एमएस डोंगर ने साक्ष्यों के अभाव में मामले के सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में नामजद एक महिला आरोपी की मुकदमे के दौरान मृत्यु भी हो चुकी है। घटना 19 मार्च 2013 की है। संतोषपुर ईटगांव में उस वक्त तनाव फैल गया था, जब यादव पक्ष की एक लड़की को ब्राह्मण पक्ष का एक युवक भगा ले गया था।
इस घटना से आक्रोशित होकर लड़की पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर हमला बोल दिया था। आरोप था कि बवाल के दौरान लड़की पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिलाओं के साथ अभद्रता की और उन्हें निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया था। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
