धनारी थाना क्षेत्र से किराए पर पिकअप वाहन ले जाकर वाहन स्वामी व उसके बेटे की हत्या करने के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसके दो साथी और लूटी गई पिकअप की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस की गोली लगने से घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एएसपी कुलदीप सिंह ने हत्याकांड का खुलासा किया।
धनारी थाने के भिरावटी गांव के मजरा मलूआ के घेर निवासी रामसरन की ओर से बीती चार अप्रैल को तहरीर दी गई थी कि उसका भाई नरेश (41) व उसका भतीजा भीमसेन (19) दो अप्रैल की शाम लगभग सात बजे अपनी पिकअप लेकर बुकिंग पर मेरठ से लेबर लाने के लिए गए थे। इनसे उसी रात समय करीब 10.15 बजे आखिरी बार बात हुई थी।
उसके बाद से नरेश व भीमसेन का मोबाइल बंद हो गया। सुबह से उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था, जिस पर परिजनों व रिश्तेदारों द्वारा उनके द्वारा बताई गई आखिरी जगह मेरठ के टोल प्लाजा व रास्तों पर तलाश किया लेकिन जानकारी नहीं मिल सकी। रामसरन की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कर ली और थाने की पुलिस टीम तत्काल उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर गई लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी।
छह अप्रैल को पुलिस द्वारा अपहरण की धारा 140 (3) बीएनएस बनाम अज्ञात तरमीम कर पंजीकरण किया गया। इसके बाद सर्विलांस की मदद से आसपास के जिलों में तलाश की गई। सात अप्रैल मंगलवार को शामली जनपद के काबड़ौत के खेतों में दो अज्ञात व्यक्तियों का शव मिलने पर परिजनों को मौके पर भेजा गया।
उन्होंने दोनों शवों की शिनाख्त नरेश व भीमसेन के रूप में की। पुलिस के अनुसार नरेश के हाथ बंधे हुए थे और भीमसेन के हाथ खुले थे। पोस्टमार्टम के आधार पर दोनों की गला दबा कर हत्या किया जाना पाया गया। इसके बाद हत्या की धारा पुलिस ने बढ़ा दी। घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र करते हुए सर्विलांस की मदद से घटना में शामिल आरोपी मनोज पुत्र महावीर निवासी चिंजरी, थाना मूसाझाग, जिला बदायूं का नाम प्रकाश में आया।
इसकी गिरफ्तारी को संभावित स्थानों पर टीमों द्वारा सघन चेकिंग व दबिश दी गई। चेकिंग के दौरान आरोपी मनोज को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बायं पैर में गोली लगी थी। इससे पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा व खोखा कारतूस व एक नाल में फंसा कारतूस भी बरामद किया है।
आरोपी ने अपने अन्य दो साथियों के नाम अरविंद व संतोष निवासी ग्राम रझेड़ा सलेमपुर, थाना कैलादेवी, जिला संभल बताए हैं। पुलिस की पूछताछ में मनोज ने बताया कि तीनों ने साथ मिलकर दो अप्रैल को वाहन लूटने की योजना बनाकर नरेश व भीमसेन की पिकअप गाड़ी भाड़े पर ले जाकर उनकी हत्या गला दबाकर कर दी।
इसके बाद लाशों को शामली क्षेत्र के खेतों में छिपा कर उनकी पिकअप को लेकर भाग गए। पिता-पुत्र की हत्या में शामिल दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई पिकअप की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।
