UP: Hearing today in the case of rigging in recruitment of staff in the Secretariat

यूपी विधानसभा

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लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में उप्र विधान सभा व विधान परिषद सचिवालय में हुई विभिन्न पदों पर स्टाफ की भर्ती की सीबीआई जांच के आदेश पर पुनर्विचार की अर्जी पर सुनवाई मंगलवार को होगी। उप्र विधान परिषद के प्रमुख सचिव व दो अन्य लोगों ने पुनर्विचार की अर्जी दाखिल कर कोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश पर दुबारा गौर करने का आग्रह किया है।

न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने इस पुनर्विलोकन अर्जी को मामले में विचाराधीन विशेष अपील व स्वयं संज्ञान लेकर दर्ज कराई गई जनहित याचिका के साथ तीन अक्तूबर को सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। बीते 27 सितंबर को सुनवाई के समय सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया था कि सीबीआई ने भी इस मामले का  स्वयं संज्ञान लेकर दर्ज कराई गई जनहित याचिका में कुछ निर्देश जारी करने के आग्रह वाली अर्जी दाखिल की है।

पहले, कोर्ट ने भर्ती मामले में सी बी आई को शुरूआती  जांच कर छह हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। साथ ही सुनवाई के दौरान भर्ती में धांधली मामले का कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लेकर जनहित याचिका (पीआईएल) के रुप में मामला दर्ज करने का  आदेश भी दिया था और मामले में पेश मूल रिकार्ड को सील करवा दिया था। 

कोर्ट ने यह आदेश सुशील कुमार व दो अन्य की विशेष अपील के साथ विपिन कुमार सिंह की दाखिल याचिका पर दिया था। इनमें उप्र विधान सभा व विधान परिषद सचिवालय में हाल ही में हुई विभिन्न पदों पर स्टाफ की भर्ती में व्यापक धांधली का मुद्दा उठाया गया है। आरोप था कि पूरी चयन प्रक्रिया में कई नियमों को दर किनार कर बाहरी भरती एजेसियोँ को तरजीह दी गई। इसके लिए नियमों में भी मनमाना संशोधन किया गया। इन सब कथित अनियमितताओं का संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसकी सी बी आई से जाँच का आदेश दिया। साथ ही प्रकरण का स्वयं संज्ञान लेकर शीर्षक के साथ जनहित याचिका के रुप में दर्ज किए जाने का आदेश दिया और मामले में पेश मूल रिकार्ड को सील कवर में रखवा दिया।



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