असम के विधानसभा चुनाव में सपा भाग्य आजमाएगी। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने की रणनीति के तहत पांच सीटों पर लड़ने का फैसला किया है। इस बारे में शीघ्र ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
लोकसभा में सीटों के लिहाज से सपा देश में तीसरे स्थान पर है। उसके पास 37 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन अन्य राज्यों में उसका पर्याप्त विस्तार न होने के कारण अभी उसका दर्जा राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त दल का ही है। यह दर्जा चुनाव आयोग देता है।
राष्ट्रीय दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्यूनतम 4 राज्यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत प्राप्त किया हो। साथ ही लोकसभा में कम से कम 4 सीटें होनी चाहिए। या, लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन विभिन्न राज्यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। सपा के पास लोकसभा में इस मानक से कहीं ज्यादा सीटें पर हैं, पर यह सिर्फ यूपी में ही हैं।
यूपी के बाहर सपा के महाराष्ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक जीता था, पर राष्ट्रीय पार्टी के मानक से अभी पार्टी काफी दूर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने का है। इसी रणनीति के तहत सपा ने असम में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सपा मुस्लिम बहुल इलाके की कम से कम पांच सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खुद भी चुनाव प्रचार में जाने की संभावना है। यहां बता दें कि असम में वर्ष 2026 में ही विधानसभा चुनाव होने हैं।
