खाताधारकों के लेन-देन व जमा और ब्याज की जानकारी न देने पर आगरा, झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, इटावा व मथुरा के सहकारी बैंक आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। विभाग की ओर से इन सभी बैंकों के प्रबंधकों को पिछले कुछ समय में नोटिस भेजकर सभी खाताधारकों की जानकारी साझा करने के लिए कहा गया है। कुछ बैंकों ने नोटिस के संबंध में अनुपालन भी शुरू कर दिया है। जानकारी मिलने के साथ ही विभाग लाखों खातों के सभी लेनदेन को एआई की मदद से विवादित लेन-देन चिह्नित कर आगे की कार्रवाई करेगा।
बैंकिंग व आयकर नियमों के अनुसार सभी बैंकों को अपने खाताधारकों का पैनकार्ड लेकर अपलोड करना होता है। इसके साथ ही सहकारी बैंकों को हर साल अपने खाताधारकों की बैंकिंग गतिविधियों का ब्योरा साझा करना होता है। इसमें खाताधारकों के चालू या बचत बैंक खातों की जमा और निकासी, फिक्स डिपॉजिट, किसी भी तरह से खाते में आए ब्याज व अन्य लेन-देन की जानकारी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार आगरा, झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, इटावा व मथुरा के जिला सहकारी बैंकों समेत 12 बैंकों को आयकर विभाग ने विभिन्न सेक्शन में नोटिस भेजकर जानकारी उपलब्ध कराने व भेजी गई जानकारी दुरुस्त करने को कहा है। इसके लिए मियाद भी तय की गई है। अगर बैंक जानकारी नहीं देते हैं तो सर्वे की कार्रवाई की जाएगी।
कुछ समय पहले इटावा के एक सहकारी बैंक में आयकर की टीमों ने दस्तक देकर डाटा भी जुटाया था। अब बाकी बैंकों को जानकारी देने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि खाताधारकों की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग उनकी स्कैनिंग कर किसी भी संदिग्ध लेनदेन को चिह्नित कर आगे की कार्रवाई करेगा।
आगरा जिला सहकारी बैंक के जीएम वरुण यादव ने बताया कि आयकर विभाग से आने वाले नोटिसाें का अनुपालन किया जाता है। किसी नए नोटिस के आने की जानकारी नहीं है। जानकारी करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
