साइबर अपराधियों की हिम्मत अब इतनी बढ़ गई है कि वह पुलिस अधिकारियों को भी नहीं बख्श रहे हैं। शातिरों ने ठगी के लिए सदर एसीपी इमरान अहमद के नाम से एक नहीं तीन – तीन फर्जी फेसबुक आईडी बना ली। उन आईडी पर परिचितों को जोड़कर पुराना फर्नीचर बेचने के नाम पर रुपये मांगने शुरू कर दिए। एसीपी की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसीपी सदर इमरान अहमद ने बीते दिनों फेसबुक पर एक पोस्ट की। पोस्ट पर उनके परिचितों ने कमेंट किया और उनके नाम से एक और फेसबुक आईडी बनी होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें जानकारी हुई कि डिप्टी एसपी इमरान अहमद नाम से तीन फेसबुक आईडी बनाई गई हैं। उन आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं।
इसके बाद तबादला होने की बोल पुराना फर्नीचर बेचने के बहाने रुपये मांगे जा रहे हैं। कुछ परिचितों ने आईडी को सही मानकर रुपये ऑनलाइन भेज भी दिए। इसके बाद एसीपी ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को लोगों द्वारा ठगों को रुपये भेजने के स्क्रीन शॉट और सभी फेक आईडी के लिंक भी उपलब्ध कराए हैं। साइबर थाना पुलिस उक्त आईडी बंद करवा कर लेनदेन में इस्तेमाल खातों की जानकारी कर रहे है। आईडी संचालित करने वाली डिवाइस के आईपी एड्रेस के जरिए शातिरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।