पिता से हुई मामूली कहासुनी इतनी नागवार गुजरी कि उसने मौत को गले लगाने का फैसला कर लिया। आवेश में आई युवती ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। वहां से गुजर रहे बहादुर मजदूर ने देवदूत बनकर यमुना में कूदकर युवती को डूबने से बचा लिया।

आगरा के थाना डौकी क्षेत्र के गांव बाजिदपुर निवासी 20 वर्षीय खुशबू का शनिवार सुबह करीब 10 बजे अपने पिता संजय सिंह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। पिता की डांट से नाराज होकर युवती आत्महत्या करने की धमकी देते हुए घर से निकल आई। 

बदहवास परिजन उसे हर संभव जगह तलाश रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दोपहर करीब तीन बजे खुशबू थाना नगला सिंघी क्षेत्र के अंतर्गत गार्डन स्थित यमुना पुल पर जा पहुंची। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, उसने रेलिंग से यमुना नदी की उफनती लहरों में छलांग लगा दी। तभी वहां से गुजर रहे शटरिंग मजदूर सुखवीर निवासी रसूलाबाद की नजर डूबती हुई युवती पर पड़ी। बिना अपनी जान की परवाह किए सुखवीर ने तुरंत बाइक रोकी और यमुना में कूद गया। कड़ी मशक्कत के बाद सुखवीर ने युवती को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया। 

इसी दौरान युवती की तलाश में जुटा उसका भाई पप्पू भी मौके पर पहुंच गया। उसने बताया कि खुशबू की मानसिक स्थिति थोड़ी कमजोर है। पिता ने किसी बात पर डांट दिया था, जिससे वह गुस्से में घर से निकल आई। सुखवीर का शुक्रिया अदा किया। सूचना मिलते ही थाना नगला सिंघी व थाना ढौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना नगला सिंघी प्रभारी पारुल मिश्रा का कहना है कि मामला थाना डौकी क्षेत्र का है। पुलिस परिजन के साथ युवती को थाने ले गई।

 



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