जब शहर रोशनी से जगमगाता है, तब शायद ही कोई उस अंधेरे के बारे में सोचता होगा जो एक बिजलीकर्मी के घर में पसर चुका है। किरावली विद्युत उपकेंद्र पर ड्यूटी के दौरान करंट से जान गंवाने वाले 38 वर्षीय संविदाकर्मी पेट्रोलमैन रवि सोलंकी का परिवार पिछले 99 दिनों से तहसील सदर के प्रांगण में खुले आसमान के नीचे न्याय की भीख मांग रहा है। कड़कड़ाती ठंड और प्रशासन की बर्फ जैसी ठंडी संवेदनहीनता के बीच एक बूढ़ी मां, सिसकती विधवा और तीन मासूम बच्चे रवि के साथ सरकारी सिस्टम की मौत का मातम मना रहे हैं।
