सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्र और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं। कहीं कोई अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोकभवन में अपनी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन किया। योगी ने कहा कि अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं। प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा। यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है।
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। हमारी सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी बढ़ाया गया है।
9 नौ साल पहले 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। जबकि, 2025 में भर्ती किए गए 60244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी।
पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है। कमिश्नरेट प्रणाली को सात जिलों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। उत्तर प्रदेश बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।
