मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ संघर्ष कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि नशे की पहुंच युवाओं तक न हो। अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एएनटीएफ के सभी 6 थानों और 8 यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, सहित आवश्यक जनशक्ति की स्थायी तैनाती और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था जल्द की जाए। टीम को आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और उन्नत तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। प्रस्तावित थानों के लिए न्यायालय आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि त्वरित सुनवाई और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। 

उन्होंने फोर्स के सभी थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण किए जाने की आवश्यकता पर भी बल देते हुए कहा कि संसाधन और संरचना मजबूत होने के बाद कार्रवाई की गति और परिणामों में और वृद्धि होगी। बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के बाद उल्लेखनीय कार्रवाई हुई है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 310 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 35,313 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया। साथ ही 883 तस्कर गिरफ्तार किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है। नशे के कारोबार के बड़े नेटवर्क और माफिया पर प्रहार किए गए। पिछले तीन वर्षों में 2,61,391 किलो अवैध मादक पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 775 करोड़ रुपये है। इस पर सीएम ने निस्तारण प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी ढंग से जारी रखने का निर्देश दिया।



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