सीतापुर जिले के सरैया चलाकापुर गांव निवासी राजाराम के घर शनिवार देर शाम खाना बनाते समय निकली चिंगारी से उनके छप्पर में आग लग गई। तेज आंधी के कारण आग फैलती चली गई। इस आग में फंसकर मां बेटी की मौत हो गई। वहीं एक बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। आग की चपेट में आकर गांव के चौदह घर जल गए। खबर लिखे जाने तक दमकल मौके पर नहीं पहुंच सकी थी।
गांव निवासी राजाराम ने बताया कि उनके घर में रात का खाना चूल्हे पर बन रहा था। इस बीच एक चिंगारी निकलकर छप्पर तक पहुंच गई। छप्पर जलने लगा। इस बीच तेज आंधी आ गई। इससे आग फैलने लगी। चूल्हे के पास बैठी उनके भाई शत्रोहन की पत्नी फूलमती (45), फूूलमती की मां (60) और फूलमती के भाई की बेटी माही (7) वर्ष गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने एंबुलेंस व निजी संसाधनों की मदद से तीनों को सीएचसी बिसवां भेजा। वहां चिकित्सकों ने फूलमती व उनकी मां को मृत घोषित कर दिया। वहीं, माही को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
वहीं, इस अग्निकांड में राजाराम, शत्रोहन, अवधराम, वीरेश, हरिश्चंद्र, झब्बूलाल, देशराज, श्री राम, राजू, रमेश प्रकाश, रामलाल, सावन, सुरेश प्रकाश और अशोक वर्मा का घर जल गया। इस दौरान उनके मवेशी भी झुलस गए। स्थानीय तहसील प्रशासन को भी ग्रामीणों ने सूचना दी है।
संकरा रास्ता होने से फंसी दमकल
ग्रामीणों ने आग लगते ही दमकल व पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। वहीं, दमकल गांव के बाहर एक संकरे रास्ते तक आकर फंस गई। ग्रामीणों ने बताया कि दमकल यदि चौड़े मार्ग से आती तो मौके पर पहुंच जाती। खबर लिखे जाने तक दमकल मौके पर नहीं पहुंची थी।
नल से बाल्टियां भरकर आग बुझाने में जुटे रहे ग्रामीण
आग लगते ही ग्रामीणों ने निजी संसाधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने गांव में लगे हैंडपंपों से बाल्टियां भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि तेज आंधी के कारण ग्रामीणों के सारे प्रयास विफल रहे।
