यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में नए राजघराने के दूसरे सदस्य भी पैर जमाने को तैयार हैं। इसके अलावा ‘नेताजी की गणेश परिक्रमा’ और ‘आसमान देखकर बदले जज्बात’ के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी…
नेताजी की गणेश परिक्रमा
सूबे में भगवा दल के मुखिया ने भले ही अभी संगठन में बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं लेकिन एक नेताजी ने अभी से गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है। उनकी अचानक बढ़ी सक्रियता की चर्चा खूब हो रही है। मुखिया के मुख्यालय में पहुंचते ही नेताजी उनके आगे-पीछे कमांडो की तरह लगे रहते हैं। मुखिया को कार्यकर्ताओं से दूर रखने की कोशिश ऐसे करते हैं, मानो कार्यकर्ताओं से छू जाने पर उनको संक्रमण हो जाएगा। दरअसल, नेताजी को चिंता है कि कहीं संगठन में उनका मौजूदा दायित्व न बदल जाए। वैसे भी पिछली बार नेताजी एमएलसी बनते-बनते रह गए थे। इसलिए भी उन्होंने फिर कड़ी मेहनत शुरू कर दी है।
आसमान देखकर बदले जज्बात
शहर में आयोजित कार्यक्रम में महापुरुषों का जमकर बखान हुआ। पूर्व पीएम की प्रशंसा में एक माननीय ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके साथ शहर की सियासत में अपनी मजबूत जड़ों का जिक्र करना नहीं भूले। अचानक आसमान में उड़नखटोले पर नजर पड़ते ही उनके जज्बात बदल गए। महापुरुषों की जगह हाईकमान के कसीदे पढ़ने लगे। धारा प्रवाह तारीफों में पड़ोसी मुल्कों की लानत-मलामत भी कर डाली। उनका उत्साह देख कार्यकर्ता भी हैरान थे कि इतनी ऊर्जा कहां से आई, जरूर किसी बड़ी कुर्सी की चाह में हैं। वैसे तो किसी काम से मिलने जाओ तो मुंह से हां या ना निकलना भी मुश्किल होता है।
नए राजघराने के दूसरे सदस्य भी पैर जमाने को तैयार
स्वतंत्र भारत के नए राजघराने के दूसरे सदस्य भी राजनीति में आने को तैयार हैं। चर्चा है कि उनके लिए पूर्वांचल के एक सजातीय माननीय माफिया अपनी सीट छोड़ेंगे। यूं भी माननीय माफिया वहां से कई बार विजय पताका फहरा चुके हैं। इस बार माहौल भांप चुके हैं कि सीट नहीं बदली तो जनता सबक सिखाने को तैयार बैठी है। ऐसे में सीट छोड़ना स्वतंत्र भारत के राजघराने के लिए उनका त्याग भी माना जाएगा। साथ ही वह इस कदम से अपनी साख भी बचा ले जाएंगे। फिलहाल संकेत इतना ही है कि माननीय माफिया अपने जिले की ही उस सीट से लड़ेंगे, जिसके रेलवे स्टेशन का नाम बदला जा चुका है।
