Farmers burning stubble in field satellite caught fine up to Rs 15,000 will be imposed

पराली।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

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मथुरा में धान की फसल कटते ही पराली जलाने का दौर शुरू हो गया है। पिछले दो दिन के दौरान तीन स्थानों पर पराली जलाए जाने की तस्वीरें सैटेलाइट की मदद से कैद की गई हैं। इसमें मांट ब्लॉक में दो स्थानों पर और छाता में एक स्थान से पराली जलाने की तस्वीर सामने आई हैं। इनका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कृषि अधिकारी और निगरानी टीमों को तलब कर लिया है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अनुसार फसल अवशेष जलाया जाना दंडनीय अपराध है। बिना अवशेष प्रबंधन यंत्रों की फसल कटाई पाए जाने पर तत्काल मशीन को सीज कर मालिक के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद जनपद में एक और दो अक्तूबर को मांट और छाता ब्लॉक में पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को तलब कर लिया।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम (पराली प्रबंधन) पर बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण त्रिगुण बिषेन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडेय, उप कृषि निदेशक रामकुमार माथुर, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, अधिशासी अभियंता सिंचाई बचन सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि और राजस्व कर्मियों को पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार नजर रखनी होगी। पराली जलाने वाले किसानों पर ढाई हजार, पांच हजार और 15 हजार रुपये का तय जुर्माना लगाया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए को पराली जलाने के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।



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