Muzaffarnagar जनपद में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर विरोध अब खुलकर सड़कों और कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया है। किसानों, मजदूरों और आम उपभोक्ताओं में बढ़ती नाराजगी के बीच विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की है। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते बिजली बिल, तकनीकी खामियों और जबरन इंस्टॉलेशन के आरोपों ने इस मुद्दे को गंभीर जनसमस्या का रूप दे दिया है।
🔴 संयुक्त किसान संगठनों का कलेक्ट्रेट मार्च
स्मार्ट मीटर के विरोध में भारतीय किसान मजदूर सर्व समाज संगठन, भारतीय किसान सर्व धर्म, भारतीय किसान यूनियन चैधरी और भाकियू आंदोलनकारी ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर की आड़ में बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसका सीधा असर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग पर पड़ रहा है।
🔴 नेतृत्व में पहुंचे किसान नेता
भारतीय किसान मजदूर सर्व समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गय्यूर और राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि नदीम खान के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को आम जनता की पीड़ा से अवगत कराया।
किसान नेताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर को आधुनिक सुविधा के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
🔴 बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी से जनता परेशान
Muzaffarnagar News smart meter के तहत उठाए गए सबसे बड़े मुद्दे में बिजली बिलों में हो रही अप्रत्याशित बढ़ोतरी शामिल है। नदीम खान ने बताया कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा बिल आ रहे हैं।
मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी असहनीय बनती जा रही है। किसानों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और कृषि लागत से जूझ रहे लोग अब बिजली बिल भरने में असमर्थ हो रहे हैं।
🔴 ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी खामियां उजागर
किसान संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की कमजोर स्थिति के कारण स्मार्ट मीटर सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं। बार-बार रीडिंग फेल होना, गलत डेटा ट्रांसमिशन और अचानक बिजली कटौती आम समस्या बन चुकी है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समाधान नहीं मिल पा रहा, जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
🔴 जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप
संयुक्त किसान संगठनों ने प्रशासन के सामने यह मुद्दा भी मजबूती से रखा कि कई जगह उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि जनता की मर्जी के खिलाफ किसी भी घर या प्रतिष्ठान पर मीटर थोपना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Muzaffarnagar News smart meter आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो विरोध और तेज किया जाएगा।
🔴 स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक की मांग
ज्ञापन में प्रमुख मांग के रूप में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की अपील की गई है। संगठनों का कहना है कि जब तक सभी तकनीकी खामियों और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस योजना को आगे बढ़ाना जनविरोधी कदम है।
उन्होंने यह भी मांग की कि पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
🔴 प्रशासन से स्थायी समाधान की अपील
किसान नेताओं ने जिलाधिकारी से इस गंभीर जनसमस्या का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उचित निर्णय लेगा और बिजली विभाग को जवाबदेह बनाएगा।
Muzaffarnagar News smart meter विरोध को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
🔴 आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संयुक्त किसान संगठनों ने साफ कहा है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को जिले के अन्य हिस्सों तक फैलाया जाएगा। किसानों का कहना है कि यह लड़ाई केवल बिजली मीटर की नहीं, बल्कि आम नागरिक के अधिकारों की है।
मुजफ्फरनगर में स्मार्ट मीटर को लेकर उठता यह विरोध अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। बढ़ते बिजली बिल, तकनीकी खामियां और जबरन इंस्टॉलेशन जैसे आरोपों ने सरकार और प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस जनआक्रोश को किस तरह संभालता है और क्या वास्तव में उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है।
