जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को बीच सड़क पर रोककर जल जीवन मिशन योजना में गड़बड़ियों को उजागर करने के मामले में भाजपा के प्रदेश संगठन की ओर से पार्टी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत को भेजी गई जवाब-तलब की नोटिस ‘लापता’ हो गई है। हैरानी की बात यह है कि एक सप्ताह बाद भी इस नोटिस के बारे में कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। अलबत्ता नोटिस जारी करने की खबर को खूब प्रचारित जरूर कराया गया। स्थित यह है कि करीब एक सप्ताह पहले नोटिस जारी होने की खबर आने के बाद भी इस नोटिस के बारे में न तो संबंधित विधायक को जानकारी है और न जारी करने वाले पदाधिकारी ही मुंह खोल पा रहे हैं। कोई यह भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है कि नोटिस जारी नहीं हुई है।
बता दें कि जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर महोबा के चरखारी से विधायक ब्रजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री के बीच विवाद हो गया था। इसके दो-तीन दिन बाद ही प्रदेश संगठन की ओर से विधायक पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी करने की बात कही गई थी। हालांकि इस नोटिस की कॉपी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है। अलबत्ता विधायक के पिता व पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने बेटे को नोटिस जारी करने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब विधायक को नोटिस जारी किया गया है तो मंत्री को क्यों नोटिस नहीं दी गई। इसी के आधार पर ही नोटिस जारी होने की बात सार्वजनिक हुई थी।
उधर हर छोटे कार्यकर्ता को नोटिस देने के बाद के तत्काल उसे जारी करने वाले भाजपा संगठन भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। आम तौर पर नोटिस जारी करने वाले पदाधिकारी ही मीडिया को भेज देते थे, लेकिन इस बार रहस्यमय तरीके से संगठन इस मामले में बेहद गोपनीयता बरत रहा है।
