हत्या और दलित उत्पीड़न के मामले में गवाहों के बयानों में विरोधाभास दिखा। इस पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने ठोस साक्ष्य के अभाव में जीतू चौधरी को बरी करने के आदेश किए। वह थाना हरीपर्वत क्षेत्र के सोंठ की मंडी निवासी है।
थाना हरीपर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, न्यू आगरा क्षेत्र के नगला पदी निवासी राजेश ने तहरीर दी थी। बताया कि उनका 25 वर्षीय भाई बंटी 23 मई 2007 को ट्रांसपोर्ट नगर से ऑटो की डीजल पाइप लेने गया था। रात 9 बजे अज्ञात युवकों ने भाई को गोली मार दी। मौके पर मौजूद लोग इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। वहां भाई की मौत हो गई।
बाद में पता चला कि आरोपी जीतू चौधरी, बंटी सिद्दीकी और छोटू सिद्दीकी ने लड़की के चक्कर में भाई को गोली मारी थी। पुलिस ने विवेचना कर तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे में वादी सहित 8 गवाह अदालत में पेश किए गए। सभी के बयानों में गंभीर विरोधाभास दिखने पर जीतू चौधरी को बरी कर दिया गया। अन्य की पत्रावली अलग चल रही थी।
