Muzaffarnagar ज़िले के खतौली थाना क्षेत्र में एक ऐसी चौंकाने वाली वारदात सामने आई जिसने लोगों को दंग कर दिया। एक शातिर चालक ने विश्वासघात करते हुए न केवल लगभग 13 लाख 63 हजार रुपये नकद चुरा लिए, बल्कि अपने मालिक की लगभग 50 लाख रुपये कीमत की लग्जरी फार्च्यूनर कार भी लेकर रफूचक्कर हो गया।
पुलिस ने इस केस का महज 20 घंटे में खुलासा कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पुलिस की सतर्कता और सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कैसे हुआ वारदात का अंजाम?
5 अगस्त को दिल्ली निवासी आयुष जैन अपने चाचा के साथ दिल्ली से खतौली आए थे। उनके पास कलेक्शन के 13 लाख 65 हजार रुपये नकद थे, जिन्हें वे फार्च्यूनर (DL 07 CW 9600) में रखकर वापस दिल्ली लौट रहे थे। कार को प्रेम उर्फ परमेश्वर यादव नामक ड्राइवर चला रहा था।
जब वे खतौली बाईपास पर स्थित SV पंजाबी ढाबा पर भोजन के लिए रुके, तो उन्होंने ड्राइवर को भी बुलाया, लेकिन वह बाहर नहीं आया। कुछ देर बाद जब वे बाहर निकले, तो पाया कि ड्राइवर कार समेत फरार हो चुका था। साथ ही, लाखों की नकदी भी गायब थी।
पुलिस ने दिखाई फुर्ती, 20 घंटे में दबोचा गया आरोपी
जैसे ही थाना खतौली में यह सूचना मिली, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत कार्यवाही शुरू की। एसएसपी संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी खतौली की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीमों ने CCTV फुटेज और सर्विलांस तकनीक का सहारा लेते हुए ड्राइवर की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी को फार्च्यूनर और नकदी समेत पकड़ लिया गया।
कौन है ये चालक प्रेम उर्फ परमेश्वर यादव?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रेम उर्फ परमेश्वर यादव पुत्र उपेंद्र यादव, निवासी ग्राम ब्रह्मपुर तोले किसनिपटी, थाना फुलपरास, जिला मधुबनी, बिहार के रूप में हुई है। वर्तमान में वह दिल्ली के कड़कड़डूमा, थाना आनंद विहार इलाके में रह रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसने इस वारदात की योजना पहले से बना रखी थी और मौका मिलते ही उसने लाखों रुपये और फार्च्यूनर लेकर फरार होने का फैसला किया।
पुलिस की शानदार कार्यवाही पर अधिकारियों की सराहना
पुलिस की इस तेज और सटीक कार्यवाही से न केवल करोड़ों की संपत्ति की रक्षा हुई, बल्कि आम जनमानस में विश्वास भी और मजबूत हुआ। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफलता पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है और ऐसे ऑपरेशन को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की बढ़ती साख
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस, खासतौर पर मुजफ्फरनगर ज़िले की पुलिस, अपराधियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कार्रवाई करने में सक्षम और तत्पर है। सर्विलांस और तकनीकी सहायता के इस्तेमाल से केस को ट्रेस करना और जल्द-से-जल्द हल करना अब पुलिस की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।
देशभर में हो रही चर्चा: भरोसे को तोड़ता ड्राइवर बना अपराधी
यह मामला समाज में एक गंभीर संदेश भी छोड़ता है – कि जिन लोगों पर हम भरोसा करते हैं, वही कभी-कभी विश्वासघात कर जाते हैं। एक घरेलू ड्राइवर का इस हद तक गिर जाना कि वह मालिक की करोड़ों की संपत्ति लेकर फरार हो जाए, यह सोचने पर मजबूर करता है कि ऐसे लोगों की पृष्ठभूमि जांचना कितना आवश्यक है।
यूपी पुलिस की पकड़ से नहीं बच पाएगा कोई अपराधी!
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही पुलिस की डिजिटल निगरानी, मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी नेटवर्क और तेज सूचना तंत्र ने अपराधियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। इस मामले में भी फुलप्रूफ तकनीकी सहायता और लोकल इंटेलिजेंस का शानदार मेल देखने को मिला।
पुलिस ने दर्ज किया केस, ड्राइवर को भेजा गया जेल
खतौली थाना पुलिस ने आईपीसी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद कार और नकदी को सील कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
फिलहाल मामले में अन्य कोई साजिशकर्ता शामिल है या नहीं, इस पर भी पुलिस जांच कर रही है।
क्या कहती है जनता?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर पुलिस की लापरवाही से होती थीं, लेकिन इस केस में खतौली पुलिस ने अपनी चुस्ती और तत्परता से भरोसा कायम किया है। वहीं व्यापारियों में भी राहत है कि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित लौट आई।
ड्राइवरों की भर्ती में बढ़ेगी सतर्कता
इस घटना के बाद उम्मीद है कि अब से ड्राइवरों की पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक अनिवार्य रूप से किया जाएगा। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी यह सोच बन रही है कि ऐसे कर्मचारियों को जांच-पड़ताल के बाद ही रखा जाए।
खतौली पुलिस की तेज कार्यवाही से ड्राइवर द्वारा की गई 13.63 लाख रुपये की चोरी और फार्च्यूनर गाड़ी की बरामदगी ने साबित कर दिया कि मुजफ्फरनगर में अपराध करना अब आसान नहीं रहा। आरोपी अब सलाखों के पीछे है और जनता राहत की सांस ले रही है। पुलिस की सक्रियता और कार्यशैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।