सात माह पहले उत्तराखंड की हर्षिल घाटी के गांव धराली में आई प्राकृतिक आपदा के बाद से लापता चल रहे मुरसान के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पौनियां को उत्तराखंड प्रशासन ने मृत घोषित कर दिया है। सेना ने भी उन्हें बलिदानी का दर्जा दिया है। 23 मार्च को गांव करील में उन्हें श्रद्धांजलि और सलामी दी गई।
गत वर्ष पांच अगस्त को उत्तराखंड में बादल फट गया था। भूस्खलन और खीर गंगा नदी में आई बाढ़ के साथ बहकर आए मलबे में धराली गांव दब गया था। बादल फटने के बाद 14वीं बटालियन दी राजपूताना राइफल्स के सचिन सहित 11 जवानों को राहत कार्य के लिए भेजा गया था, तभी से सचिन लापता थे। बाद में एक क्षत विक्षत शव मिला था,जिसकी पहचान के लिए सचिन के परिजनों को बुलाया गया था, लेकिन डीएनए जांच में उसके सचिन का शव होने की पुष्टि नहीं हुई थी। एसडीएम, मटवाडी, उत्तरकाशी के पत्र के आधार पर 18 दिसंबर को उन्हें अनंतिम रूप से मृत घोषित किया गया था।
सोमवार को सेना के अग्निवीर सचिन पौनियां को श्रद्धांजलि और सलामी देने की सूचना जैसे ही क्षेत्र के लोगों में पहुंची तो काफी संख्या में राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, युवक अपनी कार व बाइकों से मथुरा बरेली रोड़ के निकट खुटीपुरी मार्ग पर एकत्रित हो गए। जैसे ही सेना के जवानों की गाड़ी वहां पहुंची लोगों ने भारत माता की जय और सचिन पौनियां अमर रहे नारे शुरू हो गए। गाड़ियों के काफिले के साथ एसडीएम सदर राज बहादुर सिंह व मुरसान पुलिस सहित सेना की गाड़ी गांव करील पहुंची।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, राजेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य राजा गरूणध्वज सिंह, भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी चन्द्रवीर सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष श्याम सिंह प्रधान, गिरेंद्र चौधरी, प्रवीन पौनियां, हंबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
