बरेली में छह साल पहले भुता थाना क्षेत्र के गांव केसरपुर में जरी की कारीगरी करने वाला मोहम्मद नवी अब रहबर इंटरनेशनल फर्म का मालिक है। उसका करोड़ों रुपये का टर्नओवर है, पर माल और फैक्टरी का अता-पता नहीं है। पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि सारा धंधा हवाला व धोखाधड़ी के जरिये चमकाया गया है। अब ये लोग गांव की नई पीढ़ी को हवाला के धंधे की लत लगा रहे हैं।

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने अपनी टीम से प्राथमिक जांच कराई, उसमें पता लगा है कि साइबर ठगी व हवाला कारोबार के लिए चर्चित रहे फतेहगंज पश्चिमी के धंतिया से यह धंधा आसपास के गांवों में शिफ्ट हो गया है। 

खाते से हुआ डेढ़ करोड़ रुपये का लेन-देन

भुता का केसरपुर भी इनमें शामिल है। बुधवार को गिरफ्तार हुए आरोपियों का सरगना मोहम्मद नवी इसी गांव से छह साल में तेजी से उभरने वाला शख्स है। वर्ष 2019 में वह खुद जरी कारीगर था और अब रहबर इंटरनेशनल फर्म का मालिक है। उसके खाते से डेढ़ करोड़ रुपयों का लेन-देन हुआ है। खाते में रोज लाखों रुपये आने व जाने का भी ब्योरा मिला है।

नवी के चार भाइयों के अब गांव में चार आलीशान मकान हैं। पुलिस इनकी संपत्तियों का भी आंकलन कर रही है। धंतिया का फरमान इनका रिश्तेदार बताया जा रहा है। ये सभी केसरपुर व आसपास के गांव के लड़कों को झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर ठगी का प्रशिक्षण दे रहे थे और उनकी कमाई खुद के खुलवाए हुए म्यूल खातों में डाल रहे थे।



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