
अदालत।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कन्नौज के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल को एक ही समय में हाट एंड कोल्ड का गेम खेलने और आदेश का पालन नहीं करने पर 21 दिसंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है। साथ ही सफाई मांगी है कि क्यों न उनके विरुद्ध नौ नवंबर 2020 को पारित आदेश की अवहेलना करने के लिए अवमानना की कार्रवाई की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने देशराज व एक अन्य की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
सरकारी वकील ने कोर्ट से इस आधार पर अवमानना याचिका की सुनवाई टालने की प्रार्थना की कि मूल आदेश के खिलाफ सरकार की विशेष अपील विचाराधीन है। इसका याची के अधिवक्ता ने विरोध किया और कहा कि दोषपूर्ण अपील दाखिल की गई और खंडपीठ के समक्ष सरकारी वकील ने पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए सुनवाई स्थगित करने की प्रार्थना की। इसके बावजूद दोबारा सुनवाई स्थगित कराई गई।
सरकार अपील की सुनवाई के लिए गंभीर नहीं है। वह अपील के कारण केवल अवमानना याचिका की सुनवाई टालना चाहती है। आदेश पर कोई अंतरिम रोक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक तरफ सरकार विशेष अपील की सुनवाई नहीं करा रही। सरकारी वकील बहस करने को तैयार नहीं। दूसरी तरफ अवमानना याचिका अपील लंबित होने के आधार पर सुनवाई से बच रही है। सरकार एक ही समय में हाट एंड कोल्ड की नीति अपना रही है।
मालूम हो कि एकलपीठ ने सरकार को तदर्थ संग्रह अमीनों की सेवा विनियमितीकरण कार्रवाई वरिष्ठता सूची के आधार पर आयु सीमा में छूट देते हुए चार माह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आदेश का अनुपालन हलफनामा दाखिल करने पर हाजिर होने की जरूरत नहीं होगी।
